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फ़रवरी, 16, 2026
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EWS Certificate: मोतिहारी में फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम, अब प्रमाण पत्र के लिए जमीन की रसीद अनिवार्य

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EWS Certificate: मोतीहारी में अब गरीब कल्याण के नाम पर छल करने वालों के दिन लद गए हैं। प्रशासन की पैनी नजर हर उस शख्स पर है जो नियमों को ताक पर रखकर फायदा उठाना चाहता था।

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EWS Certificate: मोतिहारी में फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम, अब प्रमाण पत्र के लिए जमीन की रसीद अनिवार्य

EWS Certificate: अब ऐसे ही नहीं मिलेगा प्रमाण पत्र, नियमों में सख्ती

मोतिहारी सदर अंचल कार्यालय में अब आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) प्रमाण पत्र बनवाना उतना आसान नहीं होगा, जितना पहले था। अंचल प्रशासन ने इसकी प्रक्रिया को बेहद सख्त कर दिया है। अब आवेदक को प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करते समय अपनी जमीन की रसीद संलग्न करना अनिवार्य कर दिया गया है। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि पूर्व में कई ऐसे अपात्र लोग भी गलत तरीके से यह प्रमाण पत्र हासिल कर लेते थे, जो इसके हकदार नहीं थे।

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अंचलाधिकारी (RO) नवनीत प्रकाश ने बताया कि ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र के लिए आय प्रमाण पत्र के साथ-साथ अब जमीन की रसीद लगाना भी अनिवार्य होगा। इससे फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्रमाण पत्र बनवाने वालों पर नकेल कसी जा सकेगी। यह नया नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य पात्रता मानदंड को मजबूत करना और वास्तविक हकदारों तक लाभ पहुंचाना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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अधिकारियों के अनुसार, पहले कई मामलों में यह देखने को मिला था कि लोग गलत जानकारी देकर या फर्जी दस्तावेज लगाकर ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनवा लेते थे। इससे न केवल सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग होता था, बल्कि वास्तविक जरूरतमंदों के हक भी मारे जाते थे। नई व्यवस्था से आवेदन पत्रों की जांच अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/

अपात्रों पर लगेगी लगाम, पारदर्शिता को बढ़ावा

प्रशासन का मानना है कि जमीन की रसीद अनिवार्य करने से आय के स्रोतों और संपत्ति की स्थिति का सही आकलन हो पाएगा। इससे उन लोगों की पहचान करना आसान होगा जो पात्रता की शर्तों को पूरा नहीं करते हैं। इस पहल से पूरे जिले में ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और जवाबदेही बढ़ेगी। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे नए नियमों का पालन करते हुए ही आवेदन करें। प्रशासन किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी के प्रति अब और भी अधिक सख्त रुख अपनाएगा।

इस नियम को सख्ती से लागू करने के पीछे प्रशासन का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए बनी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचाना है। अब हर आवेदन की बारीकी से जांच की जाएगी ताकि कोई भी गलत तरीके से इस योजना का लाभ न उठा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधार है जिसका लक्ष्य समाज के वंचित तबके को न्याय दिलाना है।

मोतिहारी प्रशासन की यह सख्ती फर्जीवाड़े को रोकने और वास्तविक जरूरतमंदों को उनका हक दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे न केवल प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया सुधरेगी, बल्कि योजनाओं की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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