



Madhubani News: अदालतों की फाइलों में धूल फांकती तारीखें और इंसाफ की चौखट पर दम तोड़ता इंतजार, यह कहानी अब पुरानी होने वाली है। मधुबनी जिला प्रशासन ने अब कमर कस ली है और लंबित पड़े मामलों के तेजी से निपटारे के लिए एक बड़ा कदम उठाया है, जिससे न्याय की धीमी गति को अब रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
मधुबनी के जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसका मुख्य उद्देश्य स्पीडी ट्रायल एवं सामान्य वादों से संबंधित लंबित मामलों का त्वरित और प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित करना था। इस बैठक में जिला अभियोजन पदाधिकारी (डीपीओ), सहायक अभियोजन पदाधिकारी (एपीओ), पुलिस प्रतिनिधि, लोक अभियोजक (पीपी) एवं सहायक लोक अभियोजक (एपीपी) सहित सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Madhubani News: स्पीडी ट्रायल के मामलों में तेजी लाने का सख्त निर्देश
बैठक के दौरान जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने सभी विधि पदाधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि स्पीडी ट्रायल से संबंधित सभी मामलों का निष्पादन यथाशीघ्र सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सामान्य मामलों के निपटारे में भी प्रगति लाने पर जोर दिया। डीएम ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रत्येक वाद में राज्य का पक्ष पूरी दृढ़ता के साथ रखा जाना चाहिए, ताकि विभिन्न वादों में ज्यादा से ज्यादा दोष सिद्धि कराई जा सके और अपराधियों को उनके किए की सजा मिल सके। उनका कहना था कि पीड़ित को त्वरित न्याय दिलाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
इस उच्चस्तरीय बैठक में कई गंभीर अपराधों से जुड़े अधिनियमों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) एक्ट, और मद्य निषेध से संबंधित अभियोजन एवं उनके अनुसंधान की भी समीक्षा की गई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके अतिरिक्त, एक्साइज एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, हत्या, डकैती, बलात्कार और शस्त्र अधिनियम जैसे गंभीर मामलों को चिन्हित कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से निष्पादित करने का निर्देश दिया गया।
आपसी समन्वय पर दिया गया जोर
जिलाधिकारी ने वादों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए यह जानने का प्रयास किया कि किस स्तर पर कितने मामले लंबित हैं और उनके लंबित रहने के पीछे के मूल कारण क्या हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से बिंदुवार जानकारी प्राप्त की और इन बाधाओं को दूर करने हेतु कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आर्म्स एक्ट से जुड़े वादों का शीघ्र निष्पादन जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां यहां क्लिक करें।
बैठक का समापन करते हुए जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय और निरंतर संवाद बनाए रखते हुए कार्य करने का निर्देश दिया, ताकि मामलों के निपटारे में किसी भी प्रकार का अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन दिशा-निर्देशों के सख्ती से पालन से न केवल न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आएगी, बल्कि यह और अधिक प्रभावी और पारदर्शी भी बनेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



