



Municipal Election 2026: बोकारो में मीडिया पर प्रशासन का ‘पहला पहरा’, प्रत्याशियों की खबर में अब नहीं होगा इस चीज़ का जिक्र!
Municipal Election: चुनावी समर का शंखनाद होने से पहले ही बोकारो में प्रशासनिक तैयारियां परवान चढ़ने लगी हैं। लोकतंत्र के इस महापर्व को निष्पक्षता की कसौटी पर कसने के लिए दिशा-निर्देशों का दौर शुरू हो चुका है, जिसकी पहली गाज मीडिया रिपोर्टिंग पर गिरी है। बोकारो जिला प्रशासन ने आगामी नगर पालिका आम निर्वाचन 2026 को लेकर मीडिया के लिए एक महत्वपूर्ण परामर्श जारी किया है, जिसका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना है।
यह परामर्श राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के आलोक में सामने आया है। प्रशासन का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि चुनाव के दौरान किसी भी उम्मीदवार या दल को अनुचित लाभ न मिले और मतदाताओं तक केवल तथ्यात्मक और संतुलित जानकारी ही पहुंचे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
क्या है Municipal Election को लेकर नया निर्देश?
जिला प्रशासन द्वारा जारी परामर्श के अनुसार, मीडिया के सभी प्रतिनिधियों, चाहे वे प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक या डिजिटल माध्यम से हों, को यह सलाह दी जाती है कि वे प्रत्याशियों से संबंधित किसी भी समाचार के प्रकाशन अथवा प्रसारण के दौरान राजनीतिक दलों के नामों का उल्लेख करने से बचें। यह निर्देश सख्ती से लागू किया जाएगा ताकि किसी भी दल विशेष के नाम पर वोटों का ध्रुवीकरण न हो सके। प्रशासन ने साफ किया है कि रिपोर्टिंग उम्मीदवार की व्यक्तिगत योग्यता और उसके मुद्दों पर केंद्रित होनी चाहिए, न कि उसकी दलीय पहचान पर।
इस कदम का मुख्य उद्देश्य चुनावी मैदान में सभी प्रत्याशियों के लिए एक समान अवसर (लेवल प्लेइंग फील्ड) तैयार करना है। अक्सर देखा जाता है कि बड़े राजनीतिक दलों के नाम से जुड़े होने के कारण कुछ उम्मीदवारों को अतिरिक्त médiatique कवरेज मिल जाता है, जिससे चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित होती है।
क्यों पड़ी इस परामर्श की जरूरत?
यह परामर्श आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) के पूर्ण अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए जारी किया गया है। चुनाव आयोग का मानना है कि दलीय आधार पर होने वाली रिपोर्टिंग कई बार पेड न्यूज या किसी विशेष दल के पक्ष में माहौल बनाने का जरिया बन जाती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इससे न केवल चुनावी प्रक्रिया की शुचिता भंग होती है, बल्कि मतदाताओं के निर्णय लेने की स्वतंत्रता भी प्रभावित होती है। प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि मतदाता बिना किसी बाहरी दबाव या प्रभाव के, केवल उम्मीदवार के काम और विजन के आधार पर अपना मत तय करें।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और एक स्वच्छ एवं निष्पक्ष निर्वाचन संपन्न कराने में उसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इसी भूमिका को ध्यान में रखते हुए यह परामर्श जारी किया गया है ताकि मीडिया संस्थान भी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी तटस्थता के साथ कर सकें।
मीडिया से प्रशासन की अपील
बोकारो प्रशासन ने सभी मीडिया संस्थानों से इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया की गरिमा को बनाए रखने एवं एक स्वच्छ, स्वतंत्र और निष्पक्ष निर्वाचन संपन्न कराने में अपना बहुमूल्य सहयोग देने की अपील की है। प्रशासन को उम्मीद है कि मीडिया जगत इस परामर्श का सम्मान करेगा और तथ्यपरक रिपोर्टिंग के माध्यम से लोकतंत्र को और मजबूत बनाने में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाएगा।
आने वाले दिनों में जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आएगी, प्रशासन द्वारा इस तरह के अन्य दिशा-निर्देश भी जारी किए जा सकते हैं। इसका एकमात्र लक्ष्य बोकारो में एक ऐसा चुनावी माहौल तैयार करना है जो पूरे राज्य के लिए एक मिसाल बने।



