



Astronaut: अंतरिक्ष में जाने का सपना बचपन से ही कई लोगों को रोमांचित करता रहा है और यही वजह है कि आज भी युवाओं के सबसे बड़े करियर लक्ष्यों में से एक है। लेकिन यह रास्ता जितना रोमांचक दिखता है, उतना ही कठिन और अनुशासन से भरा भी होता है।
Astronaut बनने का सपना कैसे करें साकार? जानें पूरी प्रक्रिया और योग्यता
Astronaut बनने के लिए सिर्फ इच्छा काफी नहीं होती, बल्कि मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि, बेहतरीन शारीरिक फिटनेस और सालों की कठिन ट्रेनिंग जरूरी होती है। यह सिर्फ एक पद नहीं, बल्कि समर्पण, विज्ञान और साहस का संगम है। भारत में भी अब इस क्षेत्र में नए द्वार खुल रहे हैं, जिससे युवाओं को अपने सपने पूरे करने का अवसर मिल रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Astronaut बनने के लिए पढ़ाई और तैयारी
अंतरिक्ष में जाने का सपना देखने वाले युवाओं की कमी नहीं है, लेकिन Astronaut बनना सिर्फ सपना नहीं बल्कि सालों की मेहनत, सही पढ़ाई और कड़ी ट्रेनिंग का नतीजा होता है। बहुत से छात्र यह जानना चाहते हैं कि Astronaut बनने के लिए कौन-सा कोर्स करें, किन कॉलेजों से पढ़ाई करें और क्या इसके लिए कोई आधिकारिक रास्ता मौजूद है। इस लेख में हम इन्हीं सवालों के जवाब आधिकारिक स्रोतों के आधार पर दे रहे हैं।
Astronaut बनने के लिए कोई अलग से “Astronaut डिग्री” नहीं होती। इसके बजाय उम्मीदवार को साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स यानी STEM बैकग्राउंड से मजबूत पढ़ाई करनी होती है। इस करियर के लिए प्रमुख योग्यता साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स (STEM) बैकग्राउंड से मजबूत पढ़ाई करना है। ISRO के Human Spaceflight Programme और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के अनुसार, इंजीनियरिंग, फिजिक्स, मैथ्स और एयरोस्पेस जैसे विषय Astronaut बनने की बुनियाद माने जाते हैं।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इन विषयों में आपकी अकादमिक योग्यता ही आपको इस रास्ते पर आगे बढ़ाएगी।
प्रमुख शैक्षणिक योग्यताएं:
- शैक्षणिक पृष्ठभूमि: इंजीनियरिंग, फिजिक्स, मैथ्स या एयरोस्पेस जैसे STEM विषयों में स्नातक या स्नातकोत्तर डिग्री।
- अनुभव: संबंधित क्षेत्र में रिसर्च या पेशेवर अनुभव, खासकर एयरोस्पेस या डिफेंस में।
- भाषा दक्षता: अंग्रेजी और हिंदी में अच्छी पकड़, अन्य भाषाओं का ज्ञान अतिरिक्त लाभ दे सकता है।
इन भारतीय संस्थानों में करें पढ़ाई
भारत में इस दिशा में सबसे अहम संस्थान Indian Institute of Space Science and Technology (IIST), तिरुवनंतपुरम है, जो सीधे ISRO के अधीन काम करता है। IIST में Aerospace Engineering और Space Science से जुड़े कोर्स कराए जाते हैं और यहां से पढ़ाई करने वाले छात्रों को ISRO में काम करने के बेहतर अवसर मिलते हैं।
इसके अलावा, देश के प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IITs) जैसे IIT बॉम्बे, IIT मद्रास, IIT कानपुर और IIT खड़गपुर में Aerospace और Mechanical Engineering के कोर्स उपलब्ध हैं, जिनका उपयोग स्पेस सेक्टर में किया जाता है। ये संस्थान आपको अंतरिक्ष मिशनों के लिए आवश्यक तकनीकी ज्ञान और कौशल प्रदान करते हैं।
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Astronaut का वेतनमान और भत्ते
Astronaut की सैलरी देश, स्पेस एजेंसी और अनुभव पर निर्भर करती है। भारत में अगर कोई व्यक्ति ISRO के जरिए Astronaut के रूप में चुना जाता है, तो शुरुआत में उसे सरकारी वेतनमान (लेवल-10 से लेवल-14) के तहत सैलरी मिलती है।
संभावित वेतन संरचना:
- शुरुआती दौर में: लगभग 1 लाख से 1.5 लाख रुपये प्रति माह।
- अनुभव बढ़ने और मिशन असाइन होने पर: सैलरी के साथ मिशन अलाउंस, रिस्क अलाउंस और अन्य भत्ते जुड़ जाते हैं, जिससे कुल कमाई 2.5 लाख से 4 लाख रुपये प्रति माह तक पहुंच सकती है।
- वरिष्ठ स्तर या लंबे मिशन अनुभव वाले Astronauts: सालाना कमाई 30–40 लाख रुपये तक मानी जाती है।
यह वेतनमान उनके समर्पण, जोखिम और विशेषज्ञता को दर्शाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



