back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 11, 2026
spot_img

शिवलिंग पर जलधारा: Shivling Water Pot का क्या है रहस्य और क्यों बांधी जाती है मटकी?

spot_img
- Advertisement - Advertisement

Shivling Water Pot: सनातन धर्म में शिव आराधना का विशेष महत्व है। देवों के देव महादेव की कृपा से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। शिवलिंग पर निरंतर जलधारा अर्पित करना शिव पूजन का एक अभिन्न अंग है, जिसे ‘गलंतिका’ के नाम से जाना जाता है। यह परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है और इसका अपना एक गहरा आध्यात्मिक अर्थ है। आइए, जानते हैं इस पवित्र परंपरा के पीछे का रहस्य और आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके पीछे की मान्यताएं।

- Advertisement -

शिवलिंग पर जलधारा: Shivling Water Pot का क्या है रहस्य और क्यों बांधी जाती है मटकी?

पुराणों और धर्म ग्रंथों में वर्णित है कि भगवान शिव अत्यंत ही भोले और शीघ्र प्रसन्न होने वाले देव हैं। उन्हें प्रसन्न करने के लिए मात्र एक लोटा जल भी पर्याप्त माना गया है, बशर्ते वह श्रद्धा और भक्ति से अर्पित किया गया हो। शिवलिंग पर जो मटकी बंधी होती है, उसे ‘गलंतिका’ कहते हैं। यह गलंतिका एक धातु या मिट्टी का पात्र होता है, जिसमें जल भरकर शिवलिंग के ठीक ऊपर इस प्रकार लटकाया जाता है कि उससे बूंद-बूंद जल निरंतर शिवलिंग पर टपकता रहे। यह क्रिया भगवान शिव को शीतलता प्रदान करने और उन्हें शांत रखने का प्रतीक है।

- Advertisement -

वैशाख मास में Shivling Water Pot: शीतलता का प्रतीक और पुण्य फल

विशेष रूप से वैशाख मास (गर्मी का महीना) में गलंतिका का महत्व और भी बढ़ जाता है। मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान जब भगवान शिव ने हलाहल विष का पान किया था, तो उनके शरीर में अत्यंत दाह (जलन) उत्पन्न हो गई थी। इस दाह को शांत करने के लिए सभी देवी-देवताओं ने उन्हें जल अर्पित किया था। इसी घटना की याद में और शिव को शीतलता प्रदान करने के उद्देश्य से मंदिरों में गलंतिका बांधी जाती है। वैशाख मास में सूर्य की तपिश तीव्र होती है और इस समय भगवान शिव को जल अर्पित करना उन्हें शीतलता प्रदान करने के समान है। इस महीने में जल दान का भी बहुत बड़ा पुण्य माना गया है, और शिवलिंग पर जलधारा अर्पित करना इस पुण्य कर्म का ही एक हिस्सा है।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  आज का पंचांग: 11 फरवरी 2026, बुधवार का शुभ और अशुभ समय और कीजिए विघ्नहर्ता भगवान गणेश की पूजा... वजह ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति और चाल

गलंतिका का महत्व और इसकी विधि

गलंतिका केवल शिव को शीतलता ही नहीं प्रदान करती, बल्कि यह कई प्रकार के धार्मिक महत्व रखती है। यह निरंतरता, धैर्य और अविचलित भक्ति का प्रतीक है। जब जल की बूँदें एक लय में शिवलिंग पर गिरती हैं, तो उससे एक विशेष ध्वनि उत्पन्न होती है, जो वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है और मन को शांति प्रदान करती है। यह हमें सिखाता है कि जीवन में लक्ष्य प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक हैं, चाहे वे कितने भी छोटे क्यों न हों।

गलंतिका स्थापित करने की सामान्य विधि:

  • सबसे पहले एक शुद्ध धातु (पीतल, तांबा) या मिट्टी का पात्र लें।
  • पात्र में एक छोटा छेद करें जिससे जल बूंद-बूंद करके गिरे।
  • पात्र को जल से भरें और उसे शिवलिंग के ठीक ऊपर इस प्रकार लटकाएं कि जल सीधे शिवलिंग पर गिरे।
  • जल में थोड़ा गंगाजल, बेलपत्र, फूल और कुश डाल सकते हैं।
  • नियमित रूप से जलपात्र को भरते रहें।
यह भी पढ़ें:  साल 2026: कितने लगेंगे ग्रहण, कब और कहां दिखेंगे Grahan 2026 Dates? किन ग्रहणों पर सूतक काल मान्य...क्या करें और क्या न करें !

माना जाता है कि गलंतिका से शिवजी को शीतलता प्रदान करने से भक्तों के कष्ट दूर होते हैं, मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-शांति का वास होता है। इस क्रिया का अपना एक गहरा धार्मिक महत्व है, और यह आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। आध्यात्मिक साधना का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो भक्तों को भगवान शिव के करीब लाता है।

शिव पूजन और गलंतिका से जुड़े मंत्र

भगवान शिव की आराधना करते समय निम्नलिखित मंत्रों का जाप अत्यंत फलदायी होता है। इन मंत्रों के उच्चारण से मन एकाग्र होता है और शिव कृपा प्राप्त होती है।

ॐ नमः शिवाय॥

महामृत्युंजय मंत्र:

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।

उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

गलंतिका का प्रयोग हमें यह भी सिखाता है कि जल ही जीवन है और इसका सदुपयोग करना चाहिए। यह प्रकृति के प्रति सम्मान और संतुलन बनाए रखने का संदेश देता है। जो भक्त पूर्ण श्रद्धा और विधि-विधान से गलंतिका स्थापित कर भगवान शिव की सेवा करते हैं, उन्हें महादेव की असीम कृपा प्राप्त होती है और जीवन के हर क्षेत्र में सफलता मिलती है। जीवन के कष्टों से मुक्ति और आध्यात्मिक उन्नति के लिए यह एक अत्यंत सरल और प्रभावी उपाय है।

यह भी पढ़ें:  Numerology: नाम की शक्ति और उसका आपके जीवन पर प्रभाव... पढ़िए सफलता, धन, प्रसिद्धि और आंतरिक शांति की प्रत्येक अक्षर

यह महत्वपूर्ण जानकारी आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। हमें धर्म के गूढ़ रहस्यों को समझने में सहायता करती है और हमारी आस्था को और भी सुदृढ़ बनाती है।

धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

बायोपोल केमिकल्स IPO: शुरुआती झटके के बाद निवेशकों ने दिखाया जबरदस्त भरोसा

IPO: भारतीय प्राइमरी मार्केट में इन दिनों IPO की बाढ़ सी आई हुई है,...

अब ब्राउज़र से करें बात: WhatsApp Web पर आया वॉयस और वीडियो कॉलिंग का शानदार फीचर

WhatsApp Web: अब बिना स्मार्टफोन उठाए सीधे अपने कंप्यूटर या लैपटॉप से दोस्तों और...

सोनू सूद न्यूज़: जब तिहाड़ में थे राजपाल यादव, तब मसीहा बन आए थे सोनू सूद, जानिए कितनी है उनकी पढ़ाई और कुल संपत्ति!

सोनू सूद न्यूज़: बॉलीवुड के पर्दे पर तो कई हीरो आते-जाते हैं, लेकिन असल...

बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव न्यूज़: कानूनी मुश्किलों से लेकर शानदार अभिनय सफर तक की पूरी कहानी

Rajpal Yadav News: बॉलीवुड के जाने-माने हास्य अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों कानूनी दांव-पेच...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें