



Bihar Crime News: सदन की दहलीज पर जब अपराध की परछाई पड़ी, तो सवालों की गूंज से पूरा माहौल थर्रा उठा। बिहार के सियासी गलियारे में इन दिनों कानून व्यवस्था पर बहस तेज है, जहां सत्ता और विपक्ष आमने-सामने हैं।
बजट सत्र में उठा Bihar Crime News का मुद्दा: महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल
बुधवार को बिहार विधानसभा के बजट सत्र में अपराध का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया। विपक्ष के विधायकों ने राज्य में बढ़ते आपराधिक घटनाओं, विशेषकर महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों को लेकर सरकार को घेरा और जमकर हंगामा किया। इस दौरान सदस्यों ने राज्य की मौजूदा कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।
विपक्षी सदस्यों ने राजधानी पटना में हाल ही में हुए एक कथित एनकाउंटर पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने सरकार से इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं राज्य में भय का माहौल पैदा करती हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सदन में इस मुद्दे पर तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जहां विपक्ष ने कानून व्यवस्था की बदहाली को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह इन गंभीर मामलों पर चुप्पी साधे हुए है, जबकि आम जनता अपराधों से त्रस्त है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन अपराधियों पर नकेल कसने में विफल साबित हो रहा है, जिसका सीधा असर आम नागरिकों की सुरक्षा पर पड़ रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
अपराध नियंत्रण पर सरकार की घेराबंदी
बजट सत्र के दौरान विपक्ष ने महिला सुरक्षा के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। विधायकों ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों में लगातार वृद्धि हो रही है, लेकिन सरकार इसे रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने मांग की कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभावी उपाय करे और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाए।
पटना में हुए एनकाउंटर को लेकर भी विपक्ष ने गंभीर सवाल खड़े किए। सदस्यों ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई सवालों के घेरे में है और इसकी पूरी पारदर्शिता के साथ जांच होनी चाहिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। विपक्ष ने दावा किया कि राज्य में कानून व्यवस्था चरमरा गई है और सरकार जनता को सुरक्षा देने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। इस बहस से यह स्पष्ट है कि अपराध और सुरक्षा का मुद्दा बिहार की राजनीति में एक केंद्रीय स्थान रखता है और सरकार को इस पर जनता के सवालों का जवाब देना होगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, यह बहस बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ ले सकती है।





