



Stock Market: हाल ही में वोडाफोन आइडिया (Vi) के शेयरों ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है, और इसके पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं। कंपनी के शेयरों में पिछले छह महीनों में लगभग 76 प्रतिशत का जबरदस्त उछाल देखा गया है, जो एक समय संकट में दिख रही इस टेलीकॉम दिग्गज के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत है। यह उछाल सिर्फ एक आकस्मिक घटना नहीं है, बल्कि सरकार से मिले एजीआर बकाए पर राहत, कंपनी की तीन साल की टर्नअराउंड योजना की शुरुआत, परिचालन घाटे में कमी, और प्रति ग्राहक औसत राजस्व (ARPU) में उल्लेखनीय सुधार जैसे ठोस कारकों का परिणाम है।
Stock Market: वोडाफोन आइडिया के शेयरों में तूफानी तेजी, क्या कुमार मंगलम बिड़ला का भरोसा रंग लाएगा?
वोडाफोन आइडिया और Stock Market की चाल: निवेशकों के लिए संकेत
दिग्गज कारोबारी कुमार मंगलम बिड़ला द्वारा वोडाफोन आइडिया में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के बाद से कंपनी के शेयर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। पिछले छह महीनों में Vodafone Idea के शेयरों में लगभग 76 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस तेजी के पीछे कई मजबूत वजहें शामिल हैं, जिनमें समायोजित सकल राजस्व (AGR) बकाए पर सरकार की ओर से मिली बड़ी राहत, तीन साल की टर्नअराउंड योजना का क्रियान्वयन, परिचालन घाटे में लगातार कमी, और प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व (ARPU) में महत्वपूर्ण सुधार शामिल है। यह सुधार कंपनी के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
इस बीच, कंपनी में प्रमोटर कुमार मंगलम बिड़ला के बढ़ते भरोसे ने निवेशकों के विश्वास को भी मजबूत किया है। यह स्टॉक इस समय अपने प्रमुख विंग कवरेज – 50 और 200 दिन के सरल मूविंग एवरेज (SMAs) के ऊपर कारोबार कर रहा है, जो शेयरों की कीमत में हो रहे मजबूत सुधार का स्पष्ट संकेत देता है। बावजूद इसके, शेयर में अस्थिरता का स्तर अभी भी काफी अधिक बना हुआ है, जिसका एक साल का बीटा 1.5 है। यह आंकड़ा शेयर बाजार में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव को दर्शाता है, जिससे निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, स्टॉक में सुधार के बावजूद वोडाफोन आइडिया के शेयरों को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। एमके रिसर्च ने अपने नवीनतम नोट में स्टॉक को पहले के ‘सेल’ कॉल से अपग्रेड करके ‘ऐड’ कर दिया है, और इसका टारगेट प्राइस 12 रुपये तय किया है। एमके रिसर्च का मानना है कि Vodafone Idea की AGR बकाया पर सरकार द्वारा लगाई गई रोक स्टॉक को बढ़ावा मिलने की एक अहम वजह है। इससे कंपनी को कैश फ्लो में बड़ी राहत मिलेगी, जो कंपनी को टर्नअराउंड का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा।
AGR बकाया पर सरकार की ऐतिहासिक राहत
वोडाफोन आइडिया का अभी कुल AGR बकाया 87,695 करोड़ रुपये है। इस बड़ी राशि को सरकार ने फिलहाल ‘होल्ड’ पर डाल दिया है, जिसका अर्थ है कि कंपनी को अभी इसका भुगतान नहीं करना होगा। पहले कंपनी को भारी किश्तें चुकानी पड़ती थीं, जिससे उसकी वित्तीय स्थिति पर काफी दबाव था। हालांकि, केंद्रीय कैबिनेट ने 31 दिसंबर को कर्ज में डूबी इस कंपनी के लिए एक बड़े राहत पैकेज को मंजूरी दी थी। इस पैकेज के तहत, कंपनी को मार्च 2026 से मार्च 2031 के बीच सालाना केवल 124 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा। बकाया की अधिकांश बड़ी किश्तें 2032 से 2041 के बीच, यानी 10 साल की लंबी अवधि में भरी जाएंगी। यह कदम कंपनी को अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करने और भविष्य की रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए पर्याप्त समय और अवसर प्रदान करेगा।
तिमाही नतीजों में घाटे में कमी और ARPU में उछाल
दिसंबर तिमाही (वित्तीय वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही) में कंपनी को पिछले साल की समान तिमाही में हुए 6,609 करोड़ रुपये के घाटे के मुकाबले 5,286 करोड़ रुपये का घाटा हुआ, जो घाटे में कमी का संकेत देता है। इस अवधि के दौरान परिचालन राजस्व भी पिछले साल के 11,117 करोड़ रुपये की जगह मामूली बढ़कर 11,323 करोड़ रुपये रहा। उच्च-मूल्य वाले ग्राहकों के कंपनी से जुड़ने और उनके द्वारा प्लान अपग्रेड कराने की वजह से औसत राजस्व प्रति ग्राहक (ARPU) बढ़कर 186 रुपये पर पहुंच गया है, जो पिछले साल 173 रुपये पर था। यह ARPU में वृद्धि कंपनी की राजस्व स्थिरता के लिए एक सकारात्मक संकेत है। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
कुमार मंगलम बिड़ला का बढ़ता भरोसा: एक मजबूत संकेत
दिग्गज कारोबारी कुमार मंगलम बिड़ला ने 30 जनवरी से 1 फरवरी के बीच वोडाफोन आइडिया के कुल 4.09 करोड़ शेयर खरीदे। उन्होंने 30 जनवरी को 10.95 रुपये प्रति शेयर की औसत कीमत पर 2.21 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इसके बाद 1 फरवरी को 11.13 रुपये प्रति शेयर की औसत कीमत पर 1.88 करोड़ और शेयर खरीदे। इन खरीदों से कंपनी में उनकी हिस्सेदारी और मजबूत हुई, जिसने बाजार को प्रमोटर के कंपनी पर बढ़ते भरोसे का एक स्पष्ट और सकारात्मक संकेत दिया है। यह कदम निवेशकों के बीच भी विश्वास बढ़ाने का काम कर रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




