



Sanskrit University Election: दरभंगा में दशकों से अटकी गाड़ी अब पटरी पर दौड़ने को तैयार है, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में चुनावी बिगुल बजने की आहट तेज हो गई है। विश्वविद्यालय में सीनेट सदस्यों के चुनाव की प्रक्रिया ने अब रफ्तार पकड़ ली है, जिससे संबंधित सदस्यों में उत्साह का माहौल है।
Sanskrit University Election: समिति ने प्रपत्रों को दिया अंतिम रूप
विश्वविद्यालय में शिक्षक सम्वर्ग और कॉलेजों के शासी निकाय के प्रतिनिधियों के निर्वाचन-2026 के लिए गठित समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए। पीआरओ निशिकांत ने जानकारी देते हुए बताया कि समिति के सदस्यों ने चुनाव से संबंधित लगभग एक दर्जन प्रपत्रों के प्रारूपों को अंतिम रूप दे दिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इनमें नामांकन पत्र, मतदाता सूची, मत पत्र और मतगणना पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं।
इन सभी प्रारूपों को अब कुलसचिव के माध्यम से कुलपति के अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। कुलपति की मुहर लगने के बाद ही इन्हें आधिकारिक रूप से अधिसूचित किया जाएगा। समिति ने यह भी प्रस्ताव दिया है कि मतदान और मतगणना के दिन किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए परिसर में पर्याप्त पुलिस बल और सुरक्षा की व्यवस्था की जाए। यह पूरी चुनाव प्रक्रिया विश्वविद्यालय के लिए एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
42 साल बाद हो रहा है चुनाव
यह चुनाव इसलिए भी खास है क्योंकि विश्वविद्यालय में यह 1982 के बाद पहली बार हो रहा है। इतने लंबे अंतराल के बाद लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बहाली को लेकर शिक्षा जगत में काफी चर्चा है। इस महत्वपूर्ण चुनाव को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने तीन सदस्यों की एक कमेटी का गठन किया है।
इस कमेटी में संयोजक के रूप में पूर्व कुलसचिव डॉ. सुरेश्वर झा को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि सदस्य के तौर पर डॉ. अजित कुमार चौधरी और अंजीत कुमार चौधरी शामिल हैं। बैठक में तीनों सदस्य मौजूद रहे और उन्होंने चुनाव की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की। कुलपति के अनुमोदन के बाद ही चुनाव की विभिन्न तिथियों की घोषणा की जाएगी, जिसका सभी को बेसब्री से इंतजार है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



