



Himanta Biswa Sarma Photo Controversy: असम की राजनीतिक बिसात पर बिछी है शतरंज की बिसात, जहां एक चाल पुरानी तस्वीरों से चली गई है। कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर थमने का नाम नहीं ले रहा।
असम में गरमाई Himanta Biswa Sarma Photo Controversy: पवन खेड़ा के वार पर सरमा का पलटवार
कांग्रेस में क्यों गरमाई Himanta Biswa Sarma Photo Controversy?
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के बीच एक कथित तस्वीर को लेकर राजनीतिक जंग तेज हो गई है। यह तस्वीर बांग्लादेश से जुड़े एक मौलाना के साथ मुख्यमंत्री की बताई जा रही है, जिसे साझा कर खेड़ा ने भाजपा को घेरने की कोशिश की थी। खेड़ा ने अपने X अकाउंट पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि यह तस्वीर मुख्यमंत्री सरमा की ढाका में चिश्तिया सैदिया दरबार शरीफ के साथ है, जिनका संबंध पाकिस्तान समर्थक जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन और आलिया मदरसा से होने का आरोप है। उन्होंने इसे “तीर का उल्टा लगना” बताते हुए सवाल उठाया कि अगर इस मुलाकात में कुछ भी संदिग्ध नहीं था, तो इसे पहले से सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया था? खेड़ा ने यह भी कहा कि कांग्रेस में रहते हुए उन्हें भी मौलानाओं से मिलने के लिए कहा जाता था।
पवन खेड़ा के इन आरोपों पर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने तत्काल पलटवार किया। उन्होंने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर स्पष्ट किया कि वही मौलाना जिनसे उनकी मुलाकात की तस्वीर साझा की जा रही है, पहले कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के आवास पर उनसे मिल चुके हैं। इतना ही नहीं, उन मौलाना ने तरुण गोगोई के बेटे और वर्तमान में राज्य कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई से भी मुलाकात की थी। सरमा ने लिखा, “पवन खेड़ा जी सार्वजनिक रूप से मेरी तस्वीर एक मौलाना के साथ साझा कर रहे हैं। यह तो तीर का उल्टा लगना है।” यह कहते हुए उन्होंने कांग्रेस के आरोपों की हवा निकाल दी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मुख्यमंत्री सरमा ने आगे दावा किया कि कांग्रेस में रहते हुए उन्हें अक्सर विभिन्न मौलानाओं से मिलने के निर्देश दिए जाते थे, और इसे उन्होंने पार्टी छोड़ने के अपने प्रमुख कारणों में से एक बताया। गौरतलब है कि हिमंता बिस्वा सरमा ने वैचारिक मतभेदों के चलते 2015 में कांग्रेस का दामन छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए थे। यह फोटो विवाद 2026 के असम विधानसभा चुनावों से पहले सत्ताधारी भाजपा और कांग्रेस के बीच बढ़ती तल्खी और राजनीतिक हमलों के बीच सामने आया है, जो असम की राजनीति में गर्माहट बढ़ा रहा है।
इससे पहले भी, मुख्यमंत्री सरमा ने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई पर तीखे आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई के पाकिस्तानी संबंध हैं। गौरव गोगोई ने इन आरोपों को “बेबुनियाद और निराधार” बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया था। इस गरमागरम बहस के बीच, सरमा ने यह भी घोषणा की कि गौरव गोगोई और उनकी पत्नी के पाकिस्तान स्थित व्यक्तियों से कथित संबंधों की विशेष जांच टीम (एसआईटी) की जांच को एक केंद्रीय एजेंसी को सौंप दिया जाएगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/ आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह घटनाक्रम दिखाता है कि चुनाव से पहले राजनीतिक दल एक-दूसरे पर हमला करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं।
असम की राजनीतिक खींचतान और आगामी चुनाव
असम में अगले विधानसभा चुनावों से पहले, राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चरम पर है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही एक-दूसरे पर हमलावर हैं, और यह मौलाना के साथ मुख्यमंत्री की तस्वीर का विवाद इसी का एक हिस्सा है। हिमंता बिस्वा सरमा की कांग्रेस छोड़ने की कहानी भी इस पूरे प्रकरण में एक नया आयाम जोड़ती है, जहां उन्होंने पार्टी के भीतर की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। मौजूदा विवाद और उससे जुड़े पहले के आरोप-प्रत्यारोप यह स्पष्ट करते हैं कि 2026 के विधानसभा चुनाव के लिए अभी से जमीन तैयार की जा रही है, और दोनों प्रमुख दल कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



