



Pawan Singh Divorce News: कभी प्यार के सात फेरे लेने वाले अब अदालत के कटघरे में खड़े हैं, जहां एक तरफ ज्योति सिंह अपने पति के साथ रहने की गुहार लगा रही हैं, तो दूसरी तरफ पवन सिंह अदालत से नदारद हैं।
Pawan Singh Divorce News: आरा सिविल कोर्ट में ज्योति सिंह ने कहा ‘मैं पति के साथ रहना चाहती हूं’, पवन सिंह नहीं पहुंचे
Pawan Singh Divorce News: भावनात्मक पल और कोर्ट की कार्यवाही
आरा सिविल कोर्ट में भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के तलाक मामले की सुनवाई के दौरान एक बेहद भावुक दृश्य देखने को मिला। ज्योति सिंह ने न्यायाधीश के सामने खड़े होकर भावुकता से कहा, “मैं अपने पति के साथ ही रहना चाहती हूं।” यह बयान कोर्टरूम में मौजूद सभी लोगों के लिए मार्मिक था, खासकर तब जब पवन सिंह इस सुनवाई में पेश नहीं हुए।
न्यायालय में ज्योति सिंह का यह बयान उनके रिश्ते को बचाने की आखिरी उम्मीद जैसा प्रतीत हो रहा था। उनकी आंखों में आंसू और चेहरे पर उम्मीद की एक हल्की किरण स्पष्ट दिख रही थी। कोर्ट ने उनकी बात को गंभीरता से सुना, लेकिन पवन सिंह की अनुपस्थिति ने मामले को और जटिल बना दिया। यह मामला भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े विवादों में से एक महत्वपूर्ण कड़ी बन चुका है।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख तय की गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कानूनी प्रक्रिया अभी लंबी चलने वाली है।
अदालत की पिछली कुछ सुनवाईयों में भी भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह उपस्थित नहीं हुए हैं, जिससे कानूनी कार्यवाही में देरी हो रही है। इस तलाक मामले ने न केवल उनके निजी जीवन को बल्कि उनके पेशेवर जीवन को भी प्रभावित किया है। एक ओर जहां ज्योति सिंह अपने वैवाहिक रिश्ते को बचाने की कोशिश कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर पवन सिंह की अनुपस्थिति कई सवाल खड़े कर रही है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
भोजपुरी अभिनेता के इस व्यक्तिगत विवाद को लेकर उनके फैंस और आम जनता में काफी चर्चा है। पवन सिंह के करोड़ों प्रशंसकों के बीच इस मामले को लेकर उत्सुकता बनी हुई है कि इस तलाक मामले का अंतिम परिणाम क्या होगा।
विवाद की जड़ और कानूनी दांव-पेच
पवन सिंह और ज्योति सिंह के बीच विवाद की जड़ें काफी गहरी बताई जा रही हैं। यह मामला केवल तलाक तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई अन्य पहलुओं पर भी विचार किया जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि पवन सिंह की लगातार अनुपस्थिति मामले को उनके खिलाफ कमजोर कर सकती है, जबकि ज्योति सिंह की भावनात्मक अपील उनके पक्ष को मजबूत कर रही है। अदालत इस मामले में सभी तथ्यों और सबूतों को ध्यान में रखकर ही कोई अंतिम फैसला सुनाएगी।



