



Pawan Singh Divorce Case: प्रेम की अग्नि परीक्षा हो या रिश्तों की टूटी डोर, अदालतें अक्सर ऐसे मामलों में निर्णायक भूमिका निभाती हैं। एक ऐसा ही हाई-प्रोफाइल मामला इन दिनों भोजपुरी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां मशहूर गायक और अभिनेता पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के तलाक का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। आरा सिविल कोर्ट के फैमिली कोर्ट में हुई ताजा सुनवाई ने इस हाई-प्रोफाइल मामले को एक नए मोड़ पर ला खड़ा किया है।
Pawan Singh Divorce Case: क्या है पूरा मामला?
मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान ज्योति सिंह स्वयं अदालत में उपस्थित थीं, लेकिन पवन सिंह, अदालत के बार-बार के आदेशों के बावजूद, अनुपस्थित रहे। उनकी गैर-मौजूदगी पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। न्यायाधीश सरोज कुमार ने इस मामले में अंतिम आदेश पारित करते हुए पवन सिंह को अगली सुनवाई की तारीख 28 मई 2024 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि पवन सिंह अगली सुनवाई में भी अनुपस्थित रहते हैं, तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
ज्योति सिंह के वकील ने अदालत को बताया कि पवन सिंह पहले भी कई सुनवाइयों से गैरहाजिर रहे हैं, जबकि कोर्ट उन्हें लगातार उपस्थित रहने का निर्देश दे रहा है। वहीं, पवन सिंह के वकील ने अपने मुवक्किल की अनुपस्थिति के लिए समय की मांग की, जिसे कोर्ट ने अस्वीकार करते हुए अंतिम अवसर दिया है।
यह पहली बार नहीं है जब पवन सिंह किसी सुनवाई से नदारद रहे हों। इससे पहले भी वह कई मौकों पर कोर्ट में पेश नहीं हुए हैं, जिसके कारण यह तलाक का मामला लगातार लंबा खिंचता जा रहा है और भोजपुरी सिनेमा जगत में भी इसकी खूब चर्चा हो रही है।
हाल के दिनों में पवन सिंह अपनी राजनीतिक व्यस्तताओं के चलते भी चर्चा में रहे हैं। वह काराकाट लोकसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे थे, और उनकी चुनावी अभियान ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
ज्योति सिंह ने लगाए गंभीर आरोप
ज्योति सिंह ने पवन सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना, जबरन गर्भपात और दहेज उत्पीड़न शामिल हैं। उनके आरोपों से भोजपुरी सिनेमा और आम जनता हैरान है। ज्योति सिंह का यह भी कहना है कि उन्हें अपने गुजारा भत्ता के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है, जबकि पवन सिंह इन सभी आरोपों को एक साजिश बताते हुए खारिज कर रहे हैं।
इस मामले की शुरुआत अप्रैल 2022 में हुई थी, जब ज्योति सिंह ने आरा फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल की थी। तब से यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है, और हर सुनवाई पर मीडिया और जनता की पैनी नज़र रहती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
कोर्ट के सख्त निर्देश
आरा फैमिली कोर्ट ने अब इस मामले में एक निर्णायक मोड़ लिया है। 28 मई की अगली सुनवाई बेहद महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि इस दिन पवन सिंह की उपस्थिति ही यह तय करेगी कि मामला आगे किस दिशा में बढ़ेगा। यदि वह अनुपस्थित रहते हैं, तो कोर्ट द्वारा वारंट जारी करने का आदेश उनके लिए और अधिक कानूनी जटिलताएं पैदा कर सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या पवन सिंह अपनी राजनीतिक व्यस्तताओं से समय निकालकर कोर्ट में उपस्थित होते हैं, या फिर उन्हें कानूनी प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ेगा। इस हाई-प्रोफाइल तलाक मामले पर देशज टाइम्स की नज़र लगातार बनी हुई है।





