



Biraul News: किसी तेज रफ़्तार गाड़ी पर अचानक ब्रेक लग जाए तो कैसा महसूस होता है? कुछ ऐसा ही मंजर बिरौल के मदरसा रहमानिया में देखने को मिला, जहां एक प्रस्तावित बैठक पर प्रशासन ने कानून-व्यवस्था का ब्रेक लगा दिया।
बिरौल अनुमंडल के सुपौल स्थित मदरसा रहमानिया अफजला परिसर में बुधवार को माहौल उस वक्त तनावपूर्ण हो गया, जब एक पक्ष द्वारा पूर्व से प्रस्तावित बैठक को लेकर भारी भीड़ जुटने की संभावना बनी। विधि-व्यवस्था के बिगड़ने की आशंका को भांपते हुए अनुमंडल प्रशासन तुरंत हरकत में आया और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कमर कस ली।
Biraul News: मौके पर पहुंचे आला अधिकारी, छावनी में बदला मदरसा
हालात की गंभीरता को देखते हुए एसडीओ शशांक राज और एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी भारी पुलिस बल के साथ मदरसा परिसर पहुंचे। अधिकारियों के काफिले और पुलिस की मौजूदगी से पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया था कि शांति व्यवस्था से किसी भी कीमत पर खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। मौके पर पहुंचकर अधिकारियों ने मदरसा प्रबंधन समिति के वर्तमान और पूर्व सदस्यों के साथ गहन वार्ता की और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
प्रशासन ने दिखाई सख्ती, बैठक हुई स्थगित
इसी क्रम में मुंगेर से बिरौल पहुंचे तीन राज्यों के सदर मो. फैसल वली रहमानी ने भी अधिकारियों से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने अपनी दलीलें पेश कीं, लेकिन एसडीओ शशांक राज ने किसी भी दलील को सुनने से इनकार करते हुए केवल आधिकारिक कागजात और कानून-व्यवस्था का हवाला दिया। अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि परिसर के भीतर ऐसी किसी भी गतिविधि की इजाजत नहीं दी जाएगी, जिससे क्षेत्र की शांति भंग होने का खतरा हो।
प्रशासन के कड़े रुख के बाद अंततः बैठक को स्थगित करने का फैसला लिया गया। एसडीओ शशांक राज ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि मुंगेर से आए सदर के साथ सकारात्मक बातचीत हुई और उन्होंने भी शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए बैठक स्थगित करने के फैसले पर सहमति जताई। मालूम हो कि मदरसा रहमानिया में एहतियात के तौर पर पुलिस पदाधिकारियों के साथ पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
मौके पर मौजूद रहे कई अधिकारी
इस पूरी कार्रवाई के दौरान बीडीओ प्रदीप कुमार झा, सीओ आदित्य शंकर, थानाध्यक्ष चन्द्र मणि, और एएसआई राजीव कुमार समेत प्रबंधन समिति के कई सदस्य भी उपस्थित रहे। प्रशासन की मुस्तैदी के कारण एक संभावित टकराव की स्थिति टल गई और क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रही।






