



Traffic Rules: क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो गाड़ी चलाते समय आराम को तरजीह देते हैं और अक्सर चप्पल या सैंडल पहनकर कार चला लेते हैं? तो सावधान हो जाइए, क्योंकि आपके इस व्यवहार से न सिर्फ आपकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है, बल्कि आप कानूनी पचड़े में भी फंस सकते हैं।
Traffic Rules: जानिए चप्पल पहनकर गाड़ी चलाने के क्या हैं नियम और इसका आपकी सुरक्षा पर प्रभाव!
Traffic Rules: क्या चप्पल पहनकर गाड़ी चलाना कानूनन सही है?
Traffic Rules: भारत में मोटर वाहन अधिनियम, 1988 (Motor Vehicles Act, 1988) के तहत ड्राइविंग के लिए कुछ विशिष्ट नियम बनाए गए हैं, जिनका पालन करना सभी वाहन चालकों के लिए अनिवार्य है। इन नियमों का एक महत्वपूर्ण पहलू वाहन चलाते समय उपयुक्त फुटवियर का चुनाव भी है। अक्सर यह देखा जाता है कि लोग जल्दबाजी में या आराम के लिए चप्पल, सैंडल या हवाई चप्पल पहनकर ही अपनी कार चलाने लगते हैं। हालांकि, यह आदत न केवल खतरनाक हो सकती है बल्कि कानूनी रूप से भी आपको मुश्किल में डाल सकती है।
गाड़ी चलाते समय चप्पल पहनना कई मायनों में जोखिम भरा होता है। चप्पलें आपके पैरों को पेडल से फिसलने का खतरा बढ़ाती हैं, जिससे अचानक ब्रेक लगाने या एक्सीलरेटर पर नियंत्रण खोने की स्थिति पैदा हो सकती है। कल्पना कीजिए कि आपातकालीन स्थिति में आपको तेजी से ब्रेक लगाना है और आपकी चप्पल फिसल जाती है, तो इसका परिणाम कितना गंभीर हो सकता है। यह सिर्फ एक अनुमान नहीं है, बल्कि ऐसे कई हादसे सामने आए हैं जिनमें गलत फुटवियर के कारण ड्राइवर समय पर प्रतिक्रिया नहीं दे पाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मोटर वाहन अधिनियम के तहत, विशेषकर कमर्शियल वाहन चालकों के लिए, ऐसे फुटवियर पहनकर गाड़ी चलाना स्पष्ट रूप से मना है जिससे पेडल पर नियंत्रण प्रभावित हो। हालांकि, प्राइवेट वाहन चालकों के लिए यह नियम सीधा नहीं लिखा गया है कि ‘चप्पल पहनकर गाड़ी न चलाएं’, लेकिन धारा 184 (खतरनाक ड्राइविंग) या धारा 177 (सामान्य नियम उल्लंघन) के तहत आपका चालान कट सकता है। यदि कोई ट्रैफिक पुलिस अधिकारी यह पाता है कि आपके फुटवियर के कारण आपकी ड्राइविंग असुरक्षित हो रही है, तो वह आपको जुर्माना लगा सकता है।
सुरक्षित ड्राइविंग के लिए सही फुटवियर का चुनाव क्यों जरूरी?
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ड्राइविंग के दौरान ऐसे जूते पहनने चाहिए जो आपके पैर को ठीक से पकड़े रहें और पेडल पर पूरी पकड़ बनाए रखने में मदद करें। लेदर के जूते, स्पोर्ट्स शूज़, या कोई भी ऐसा जूता जो आपके टखने को सपोर्ट दे, ड्राइविंग के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। इससे न केवल पेडल पर आपकी पकड़ मजबूत होती है, बल्कि लंबे सफर के दौरान भी आपके पैरों को आराम मिलता है।
दरअसल, चप्पलें या सैंडल में अक्सर पैर हिलते-डुलते रहते हैं, जिससे पेडल पर दबाव बनाते समय आपको सही ‘फील’ नहीं मिल पाता। कई बार तो चप्पल पेडल के नीचे भी फंस सकती है, जिससे स्थिति और भी भयावह हो सकती है। यही कारण है कि दुनिया भर के कई देशों में ड्राइविंग के लिए उपयुक्त फुटवियर पहनने को लेकर सख्त नियम हैं। भारत में भी, हालांकि नियम इतने स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से उचित फुटवियर पहनना अत्यंत आवश्यक है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इसलिए अगली बार जब आप अपनी कार की चाबी उठाएं, तो एक बार अपने पैरों की तरफ भी देखें। क्या आपके फुटवियर सुरक्षित ड्राइविंग के लिए उपयुक्त हैं? आपकी एक छोटी सी सावधानी न केवल आपकी, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की जान भी बचा सकती है। लेटेस्ट कार और बाइक अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें।
याद रखें, ड्राइविंग सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह जाने का साधन नहीं है, बल्कि यह जिम्मेदारी का भी काम है। सुरक्षित ड्राइविंग की आदतों में सही फुटवियर का चुनाव भी शामिल है। यह सुनिश्चित करें कि आपके जूते आरामदायक हों, पेडल पर अच्छी पकड़ दें, और किसी भी तरह से आपके नियंत्रण में बाधा न डालें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।






