



Patna News: सियासत की गलियों से जब कोई दुखद ख़बर आती है, तो संवेदनाओं का सैलाब उमड़ पड़ता है। कुछ ऐसा ही हुआ जब ओडिशा के समाजवादी चिंतक और लेखक स्व. किशन पटनायक की धर्मपत्नी वाणी मंजरी दास के निधन की ख़बर आई, जिस पर बिहार के मुख्यमंत्री ने भी अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। वाणी दास जी के निधन की खबर से राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई।
Patna News: मुख्यमंत्री ने शोक संदेश में क्या कहा?
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने आधिकारिक शोक संदेश में वाणी मंजरी दास के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वाणी मंजरी दास जी न केवल एक शिक्षिका थीं, बल्कि सामाजिक रूप से भी वे लोगों के बीच अत्यंत लोकप्रिय थीं। उनके निधन की खबर से मुझे व्यक्तिगत रूप से काफी दुःख पहुंचा है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि वे महिला सशक्तीकरण और समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने के लिए जीवन भर सक्रिय रहीं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। नशामुक्ति और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी उनके द्वारा किए गए कार्य अविस्मरणीय हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
वाणी दास जी को एक सामाजिक और धर्मपरायण महिला के रूप में याद करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि उनका पूरा जीवन समाज सेवा को समर्पित रहा। उन्होंने अपने कार्यों से समाज में एक सकारात्मक बदलाव लाने का निरंतर प्रयास किया।
सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति
मुख्यमंत्री ने वाणी दास के निधन को सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है। उन्होंने कहा कि उनके जाने से जो शून्य उत्पन्न हुआ है, उसे भरना अत्यंत कठिन होगा। वाणी दास जी ने अपने जीवनकाल में अनगिनत लोगों को प्रेरित किया और उनके दिखाए मार्ग पर चलकर कई लोगों ने समाज सेवा को अपनाया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
अंत में, मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की चिर शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों को इस दुःख की घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की भी कामना की। वाणी दास जी का निधन समाजवादी विचारधारा और सामाजिक सक्रियता के एक युग का अंत है, लेकिन उनकी विरासत हमेशा जीवित रहेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।






