



Patna News: बिहार के मछली किसानों के लिए अब राजधानी में ही एक ऐसा ठिकाना तैयार हो गया है, जहां उनकी हर समस्या का समाधान एक ही छत के नीचे मिलेगा। मीठापुर में नवनिर्मित मत्स्य विकास भवन अब पूरी तरह से तैयार है, जिसका निरीक्षण बुधवार को डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के मंत्री सुरेंद्र मेहता ने किया। यह अत्याधुनिक भवन मत्स्य निदेशालय के अंतर्गत बनाया गया है, जो राज्य में मत्स्य पालन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का लक्ष्य रखता है।
मंत्री ने निरीक्षण के दौरान बताया कि इस भवन में मत्स्यपालन अनुसंधान केंद्र और आधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। इन सुविधाओं से मत्स्य प्रक्षेत्र के विकास से जुड़े अनुसंधान और प्रशिक्षण कार्य संचालित किए जाएंगे, जिससे राज्य में मछली उत्पादन की गुणवत्ता और उत्पादकता दोनों में भारी वृद्धि सुनिश्चित होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Patna News: जानिए क्या है मत्स्य विकास भवन की खासियत
लगभग 2.43 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैला यह परिसर आधुनिक सुविधाओं से पूरी तरह सुसज्जित है। इस भवन में राज्य के सभी जिलों से आने वाले मछली किसानों को वैज्ञानिक, उन्नत और नई तकनीकों पर आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे किसानों को नई तकनीक सीखने के लिए अब कहीं और भटकना नहीं पड़ेगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
किसानों की सुविधा का ध्यान रखते हुए परिसर में ही एक सुसज्जित छात्रावास (हॉस्टल) भी बनाया गया है। इसका सबसे बड़ा फायदा दूर-दराज के जिलों से आने वाले किसानों को मिलेगा, जिन्हें प्रशिक्षण के दौरान अब ठहरने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। जल्द ही मत्स्य निदेशालय को भी इसी भवन में स्थानांतरित कर दिया जाएगा, जिससे प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी।
किसानों को सशक्त बनाने पर सरकार का जोर
मंत्री सुरेंद्र मेहता ने भवन के हर तल का दौरा किया और अधिकारियों से वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कृषि रोड मैप के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य में मत्स्य उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसका सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है। बिहार सरकार का लक्ष्य राज्य को मत्स्य पालन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नवनिर्मित भवन की सुविधाओं का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित कर किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जाए। निरीक्षण के दौरान विभाग के कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे।




