



Bihar Police Encounter: बिहार में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का चाबुक ऐसे चला कि खौफ का साया हर अपराधी के माथे पर मंडराने लगा है। एनडीए सरकार बनने के बाद से बिहार में अपराध पर लगाम कसने के लिए पुलिस ने दस बड़े एनकाउंटर किए हैं, जिनमें कई कुख्यात अपराधी या तो मारे गए या घायल होकर सलाखों के पीछे पहुंचे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Bihar Police Encounter: बिहार में NDA सरकार के 83 दिन, 10 बड़े एनकाउंटर से अपराधियों में हाहाकार!
बिहार में अपराध के खिलाफ पुलिस ने मोर्चा तेज कर दिया है। एनडीए की नई सरकार बनने के बाद अब तक 10 बड़े एनकाउंटर हो चुके हैं। जिनमें कई इनामी और कुख्यात अपराधी पुलिस की गोली से घायल हुए या मारे गए। यह आंकड़ा महज 83 दिनों का है, जो सूबे में अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस की सक्रियता को दर्शाता है।
Bihar Police Encounter: ताबड़तोड़ कार्रवाई से बढ़ी पुलिस की साख
इन एनकाउंटरों ने न केवल अपराधियों के मन में डर पैदा किया है, बल्कि आम जनता के बीच पुलिस की छवि भी सुधारी है। पहले जहां अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम देते थे, वहीं अब उन्हें हर पल पुलिस के शिकंजे में आने का भय सता रहा है। यह कार्रवाई एक स्पष्ट संदेश है कि बिहार में अब अपराधियों की खैर नहीं।
पुलिस मुख्यालय के सूत्रों के अनुसार, इन अभियानों में विशेष रूप से उन कुख्यात गिरोहों को निशाना बनाया गया है जो लंबे समय से राज्य में आतंक का पर्याय बने हुए थे। इन एनकाउंटरों में शिवदत्त राय से लेकर सूर्या डॉन जैसे नामी बदमाश शामिल हैं, जिन पर कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
पुलिस महानिदेशक ने बताया कि सरकार की प्राथमिकता राज्य में शांति व्यवस्था बनाए रखना और अपराध मुक्त बिहार का निर्माण करना है। इसी कड़ी में पुलिस लगातार सक्रियता से काम कर रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस की यह कार्रवाई बिना किसी भेदभाव के जारी रहेगी और हर अपराधी को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति
इन अभियानों के परिणामस्वरूप, राज्य में अपराध के आंकड़ों में गिरावट देखने को मिली है। खासकर लूट, डकैती और हत्या जैसे गंभीर अपराधों पर लगाम लगी है। पुलिस का मानना है कि इन एनकाउंटरों से अन्य अपराधियों में भी भय का माहौल बना है और वे आपराधिक गतिविधियों से दूर रहेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जिससे राज्य में अपराध नियंत्रण के प्रयासों को एक नई दिशा मिली है।




