



Ayushman Card: बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था में एक नया सूरज उगा है, जहां करोड़ों लोगों के लिए अब इलाज का खर्च बोझ नहीं, बल्कि एक कार्ड की स्वाइप से संभव होगा। राज्य ने स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए चार करोड़ से अधिक लोगों को इस योजना से जोड़ लिया है।
Ayushman Card बनाने की रफ़्तार और तेज़ करने के निर्देश
पटना। बिहार स्वास्थ्य समिति के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (सीईओ) शशांक शेखर सिन्हा की अध्यक्षता में बुधवार को पटना स्थित बापू टावर में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में अब तक 4 करोड़ 14 लाख लोगों को आयुष्मान कार्ड जारी किया जा चुका है, जिससे कुल 1.69 करोड़ परिवारों को 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य सुरक्षा कवच मिला है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बैठक के दौरान सीईओ ने इस उपलब्धि पर संतोष जताते हुए कार्ड बनाने की प्रक्रिया में और तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए।
इसके अलावा, योजना के तहत एक विशेष पहल करते हुए 70 वर्ष से अधिक आयु के 3.87 लाख पात्र वरिष्ठ नागरिकों का आयुष्मान वय वंदना कार्ड भी बनाया जा चुका है। सीईओ शशांक शेखर ने योजना के क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न मानकों पर सभी जिलों की प्रगति का बारीकी से विश्लेषण किया और अधिकारियों को जमीनी स्तर पर काम में तेजी सुनिश्चित करने को कहा।
योजना की समीक्षा और उत्कृष्ट डॉक्टरों का सम्मान
बैठक में केवल आंकड़ों पर ही नहीं, बल्कि योजना की गुणवत्ता और पहुंच बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। सीईओ ने सभी जिलों के संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से क्षेत्र का दौरा करें, अस्पतालों की सूचीबद्धता बढ़ाएं और यह सुनिश्चित करें कि हर पात्र व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुंचे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इसी क्रम में, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के क्रियान्वयन और क्लेम सेटलमेंट टीम के कार्यों की भी समीक्षा की गई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस अवसर पर योजना के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा सम्मानित भी किया गया, ताकि उनका मनोबल बढ़े और वे दूसरों के लिए प्रेरणा बनें।
अधिकारियों की मौजूदगी और भविष्य की दिशा
इस उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य विभाग के कई शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे, जो योजना के प्रति सरकार की गंभीरता को दर्शाता है। बैठक में प्रशासी पदाधिकारी शैलेश चन्द्र दिवाकर, वित्त नियंत्रक आलोक कुमार सिंह, निदेशक (ऑपरेशन) डॉ. आलोक रंजन, निदेशक (प्रशासन) मृणाल सिसोदिया, हेल्थ केयर के निदेशक नीरज कुमार, और आईटी एंड एमआईएस के निदेशक संतोष कुमार झा समेत कई अन्य पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में लिए गए निर्णयों से यह स्पष्ट है कि सरकार का लक्ष्य केवल कार्ड बांटना नहीं, बल्कि हर जरूरतमंद तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना है।




