



Madhubani News: भ्रष्टाचार की लंका में एक और विभीषण ने आग लगा दी, और निगरानी विभाग की टीम ने एक और सरकारी कुंभकर्ण को रिश्वत की नींद से जगाकर दबोच लिया। जिले के कलुआही प्रखंड में पदस्थापित पंचायती राज विभाग के एक तकनीकी सहायक को विजिलेंस की टीम ने 12,000 रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे जिले के सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया है।
Madhubani News: जानिए कैसे बिछाया गया जाल और कौन है यह घूसखोर अधिकारी
गिरफ्तार किए गए अधिकारी की पहचान हरिनंदन कुमार के रूप में हुई है, जो कलुआही प्रखंड में तकनीकी सहायक के पद पर कार्यरत था। जानकारी के अनुसार, एक सप्लायर ने निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी कि हरिनंदन कुमार किसी कार्य के वेरिफिकेशन की तस्वीर को विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करने के बदले में रिश्वत मांग रहा था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। शिकायतकर्ता लंबे समय से इस अधिकारी के रवैये से परेशान था और आखिरकार उसने विभाग से संपर्क करने का फैसला किया।
निगरानी विभाग के डीएसपी, मो. वसीम फिरोज ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद विभाग ने पहले अपने स्तर पर इसकी सत्यता की जांच की। जब यह पुष्टि हो गई कि तकनीकी सहायक सच में रिश्वत मांग रहा है, तो उसे पकड़ने के लिए एक पूरी योजना तैयार की गई। यह पूरा रिश्वतखोरी का मामला विभाग की नजर में था। इसी योजना के तहत बुधवार शाम को जैसे ही हरिनंदन कुमार ने सप्लायर से 12,000 रुपये लिए, पहले से तैयार बैठी निगरानी विभाग की टीम ने उसे दबोच लिया।
पटना से आई टीम ने की कार्रवाई, जिले में मचा हड़कंप
इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए पटना से निगरानी विभाग की एक नौ सदस्यीय टीम मधुबनी पहुंची थी। टीम ने पूरी गोपनीयता के साथ इस ऑपरेशन को पूरा किया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद, टीम आरोपी हरिनंदन कुमार को अपने साथ आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई के लिए पटना ले गई। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस औचक कार्रवाई की खबर जैसे ही मधुबनी के अन्य सरकारी कार्यालयों में पहुंची, वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। कई अधिकारी अपने दफ्तरों से नदारद भी दिखे।
निगरानी विभाग की इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार और प्रशासन की जीरो टॉलरेंस की नीति है। विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में इस तरह की और भी कार्रवाइयां देखने को मिल सकती हैं, ताकि सरकारी तंत्र को भ्रष्टाचार मुक्त बनाया जा सके।




