



आसमान में उड़ानों के सपनों को पंख देने की कवायद, बिहार के विकास को नई ऊंचाई पर ले जाने की तैयारी। Darbhanga Airport: अब इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की पुरजोर कोशिशें हो रही हैं, जिससे न केवल बिहार बल्कि पड़ोसी देशों को भी सीधा फायदा मिलेगा।जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने बुधवार को राज्यसभा के शून्यकाल के दौरान दरभंगा हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने का महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने इस हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने की दिशा में बिहार सरकार द्वारा की गई तैयारियों का विस्तृत ब्यौरा सदन के समक्ष प्रस्तुत किया।
बिहार सरकार ने दरभंगा हवाई अड्डे के रनवे विस्तार और आवश्यक भूमि अधिग्रहण के लिए 245 करोड़ रुपये की योजना को स्वीकृति दी है। इसके तहत राज्य सरकार ने हवाई अड्डे के विस्तार के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) सहित अन्य औपचारिकताओं को पूरा करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए हैं। सांसद संजय कुमार झा ने अपने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में यह भी बताया कि बिहार सरकार ने 18 सितंबर 2024 को नागरिक उड्डयन मंत्रालय को एक प्रस्ताव भेजा था। इस प्रस्ताव में दरभंगा हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा घोषित करने और बड़े आकार के विमानों (वाइड-बॉडी एयरक्राफ्ट) के संचालन के लिए रनवे के विस्तार का अनुरोध किया गया था।वर्तमान में, यह हवाई अड्डा भारतीय वायुसेना के नियंत्रण में है, जिसके कारण इसके अवसंरचनात्मक विस्तार और उन्नयन के लिए केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विशेषकर रक्षा मंत्रालय के साथ समन्वय स्थापित करना आवश्यक है। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो क्षेत्र में मिथिलांचल विकास को गति देगा।
Darbhanga Airport: अंतरराष्ट्रीय दर्जा क्यों है महत्वपूर्ण?
संजय कुमार झा ने सदन को अवगत कराया कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने 18 अक्टूबर 2024 को एक पत्र के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप रनवे को 12,000 फीट तक विस्तारित करने के लिए लगभग 90 एकड़ अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता बताई थी। इसके जवाब में, बिहार सरकार ने 13 नवंबर 2024 को रक्षा मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के लिए अनुरोध किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। रक्षा मंत्रालय ने इस प्रस्ताव पर 9 दिसंबर 2024 को अपनी सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी, जो इस परियोजना के लिए एक बड़ी सफलता है।इस स्वीकृति के बाद, बिहार सरकार ने 10 जनवरी 2025 को मंत्रिपरिषद के निर्णय द्वारा 245 करोड़ रुपये की राशि के साथ भूमि अधिग्रहण की योजना को मंजूरी दे दी। यह राशि जिला पदाधिकारी, दरभंगा को उपलब्ध करा दी गई है, ताकि अधिग्रहण की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जा सके। सांसद ने जोर देकर कहा कि दरभंगा हवाई अड्डा बढ़ती यात्री संख्या, बिहार और पड़ोसी राज्यों से मजबूत कनेक्टिविटी और विभिन्न एयरलाइनों के संचालन के कारण रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण बन चुका है।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए उपयुक्त स्थान
यह हवाई अड्डा नेपाल सीमा के निकट स्थित होने के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए स्वाभाविक रूप से एक उपयुक्त स्थान प्रदान करता है। इससे न केवल बिहार के लोगों को लाभ होगा, बल्कि नेपाल और आस-पास के क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार बन जाएगा। यह क्षेत्र के वायु यातायात क्षमता को भी मजबूत करेगा।सांसद संजय कुमार झा ने नागरिक उड्डयन मंत्री से आग्रह किया कि दरभंगा हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा घोषित करने की प्रक्रिया को शीघ्रता से पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि भारत सरकार के संबंधित मंत्रालयों और विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर बिहार सरकार के प्रस्ताव पर त्वरित निर्णय लिया जाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस कदम से क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/national/। यह मिथिलांचल के लिए गौरव की बात होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



