



Aaj Ka Panchang: वैदिक ज्योतिष में पंचांग का विशेष महत्व है, जो दैनिक जीवन में शुभता और सफलता के लिए मार्गदर्शन प्रदान करता है। यह ग्रह-नक्षत्रों की सटीक गणना के आधार पर हमें दिन के शुभ और अशुभ समय की जानकारी देता है, जिससे हम अपने कार्यों को सही समय पर करके अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकें।
# आज का पंचांग: 12 फरवरी 2026 का शुभ-अशुभ समय
## आज का पंचांग: शुभ चौघड़िया और राहुकाल
पंचांग की गणना सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर की जाती है। प्रत्येक दिन ग्रह-नक्षत्रों की चाल, तिथि, वार, योग और करण का गहन अध्ययन करके ही शुभ-अशुभ समय का निर्धारण किया जाता है। आज, 12 फरवरी 2026, गुरुवार का दिन है, जो भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की आराधना के लिए अत्यंत श्रेष्ठ माना गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह दिन विशेष रूप से उन जातकों के लिए फलदायी है जो व्यापारिक या वैवाहिक बाधाओं का सामना कर रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। आज कृष्ण पक्ष की दशमी उपरांत एकादशी तिथि रहेगी, जो धार्मिक कार्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
**गुरुवार के विशेष उपाय और पूजा विधि**
गुरुवार के दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को प्रसन्न करने के लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं:
- स्नान के बाद स्वच्छ पीले वस्त्र धारण करें।
- भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक प्रज्वलित करें।
- भगवान विष्णु को पीले फूल, चने की दाल और गुड़ अर्पित करें।
- निम्नलिखित मंत्रों का 108 बार जाप करें:
“ॐ बृं बृहस्पतये नमः”
या
“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय”
यह विधिवत पूजा करने से आपके जीवन में आने वाली व्यापारिक और वैवाहिक बाधाएं दूर होती हैं। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें: धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें।
**आज के महत्वपूर्ण शुभ-अशुभ मुहूर्त**
यहां 12 फरवरी 2026 के लिए कुछ महत्वपूर्ण शुभ और अशुभ शुभ मुहूर्त दिए गए हैं। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि सटीक मुहूर्त स्थान और स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त पर निर्भर करते हैं।
| विवरण | समय |
|---|---|
| अभिजीत मुहूर्त | दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02:18 बजे से दोपहर 03:02 बजे तक |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 06:05 बजे से शाम 06:29 बजे तक |
| राहुकाल | दोपहर 01:30 बजे से दोपहर 03:00 बजे तक |
**पंचांग का आध्यात्मिक महत्व**
पंचांग केवल समय सारिणी नहीं है, बल्कि यह सनातन धर्म की एक प्राचीन वैज्ञानिक पद्धति है जो प्रकृति के साथ हमारे जीवन को सामंजस्य बिठाने में मदद करती है। प्रत्येक तिथि, वार और नक्षत्र का अपना विशिष्ट प्रभाव होता है, जिसके अनुसार कार्य करने से व्यक्ति को सकारात्मक परिणाम प्राप्त होते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। गुरुवार का दिन चूंकि देवगुरु बृहस्पति को समर्पित है, इसलिए इस दिन ज्ञान, शिक्षा और धार्मिक कार्यों की शुरुआत करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
**निष्कर्ष और उपाय**
आज के दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की भक्ति और श्रद्धा से पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का आगमन होता है। पीले वस्तुओं का दान करना या पीले वस्त्र धारण करना भी शुभ फल प्रदान करता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह एक ऐसा दिन है जब आप अपनी समस्याओं के समाधान के लिए ईश्वरीय कृपा प्राप्त कर सकते हैं।


