



Baramati Plane Crash: आसमान में उड़ते ख्वाब जब जमीन पर बिखरते हैं, तो पीछे छोड़ जाते हैं कई अनसुलझे सवाल। पुणे के बारामती में हुई विमान दुर्घटना ऐसी ही एक दर्दनाक दास्तां है, जिसकी परतों को अब डीजीसीए की टीम खोलने में जुटी है।
बारामती विमान हादसा: क्या रहस्य सुलझा पाएगी DGCA की जांच?
Baramati Plane Crash: गहन जांच के लिए घटनास्थल का दौरा
नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) के वरिष्ठ अधिकारियों की एक चार सदस्यीय टीम ने पुणे जिले के बारामती के पास उस दुर्भाग्यपूर्ण जगह का दौरा किया, जहाँ पिछले महीने एक दुखद विमान दुर्घटना हुई थी। इस हादसे में कैप्टन सुमित कपूर, सह-पायलट कैप्टन शांभवी पाठक, निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO) विदिप जाधव और विमान परिचारिका पिंकी माली सहित पाँच लोगों की जान चली गई थी। स्थानीय अधिकारियों ने इस 28 जनवरी की घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज और अन्य वीडियो की गहन समीक्षा की है।
विमानन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने पहले ही यह सुनिश्चित किया था कि इस दुखद विमान दुर्घटना की जांच एक निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी की जाएगी। घटना के बाद, विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) और DGCA के अधिकारियों ने तत्काल घटनास्थल का दौरा किया था और महत्वपूर्ण ‘ब्लैक बॉक्स’ बरामद कर लिया था, जो उड़ान के अंतिम क्षणों का बहुमूल्य डेटा रखता है। इसके अलावा, महाराष्ट्र अपराध जांच विभाग (CID) ने भी 30 जनवरी से इस मामले की जांच शुरू कर दी है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
जांच की वर्तमान स्थिति और चुनौतियाँ
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, नागर विमानन मंत्री ने आश्वस्त किया है कि जांच एक निश्चित समय-सीमा में पूरी की जाएगी ताकि सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
- ब्लैक बॉक्स का विश्लेषण: विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) और DGCA द्वारा बरामद किया गया ‘ब्लैक बॉक्स’ (Flight Data Recorder) अब विशेषज्ञों की जांच के दायरे में है। इसमें दर्ज डेटा दुर्घटना के कारणों को समझने में अहम भूमिका निभाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
- बहु-स्तरीय जांच: जहां एक ओर विमानन विशेषज्ञ तकनीकी और परिचालन संबंधी पहलुओं की जांच कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र अपराध जांच विभाग (CID) भी इस मामले में आपराधिक और सुरक्षा संबंधी कोणों से गहराई से पड़ताल कर रहा है।
संभावित तकनीकी कारण और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार
हालांकि अभी अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है, लेकिन अधिकारी इंजन फेलियर, अप्रत्याशित मौसम की स्थिति और विमान के ढांचे को हुए नुकसान जैसे कई पहलुओं पर बारीकी से गौर कर रहे हैं। DGCA की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह दुर्घटना किसी तकनीकी खराबी का परिणाम थी या इसमें मानवीय भूल की कोई भूमिका थी। यह जांच सिर्फ एक दुर्घटना का नहीं, बल्कि उड़ान सुरक्षा के भविष्य का रास्ता भी तय करेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


