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फ़रवरी, 12, 2026
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Pressure Horn Ban Bihar: बिहार में अब नहीं बजेगा प्रेशर हॉर्न, सरकारी वाहनों पर लगा Pressure Horn अब Ban… बजाया तो? जानिए हूटर, मल्टीटोन हॉर्न और सायरन भी शामिल

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Pressure Horn Ban Bihar: जब बहरेपन की हदें लांघने लगे हों कान, तब आवाज़ों पर लगाम ज़रूरी हो जाती है। बिहार में अब सरकारी वाहनों में प्रेशर हॉर्न का बेतहाशा इस्तेमाल बीते दिनों की बात होगी, क्योंकि राज्य सरकार ने इस पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया है, जो एक नए प्रशासनिक अनुशासन की ओर इशारा करता है।

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बिहार में Pressure Horn Ban Bihar: क्यों है यह फैसला महत्वपूर्ण?

बिहार विधान परिषद में गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान परिवहन व्यवस्था और सरकारी अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर एक गंभीर मुद्दा सामने आया था। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक सौरभ कुमार ने सरकारी वाहनों में प्रेशर हॉर्न के अत्यधिक उपयोग पर सवाल उठाया, जिसने सार्वजनिक शांति और सुरक्षा के प्रति चिंताएं पैदा कीं। इस सवाल के जवाब में, परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने स्पष्ट शब्दों में घोषणा की कि अब राज्य में सरकारी अधिकारी या कोई भी व्यक्ति अपने सरकारी वाहन में प्रेशर हॉर्न का उपयोग नहीं कर पाएगा। यह निर्णय एक दीर्घकालिक समस्या का समाधान प्रस्तुत करता है, खासकर शहरों में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने में यह सहायक होगा।

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यह प्रतिबंध केवल प्रेशर हॉर्न तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें हूटर, मल्टीटोन हॉर्न और सायरन भी शामिल हैं, जिनका उपयोग केवल आपातकालीन सेवाओं जैसे एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस वाहनों द्वारा ही किया जा सकेगा। मंत्री ने साफ किया कि इस नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह पहल न केवल शहरी वातावरण को शांत बनाएगी बल्कि सरकारी तंत्र में जवाबदेही और अनुशासन की भावना को भी बढ़ाएगी।

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यह भी पढ़ें:  Bihar Health Services,: बिहार हेल्थ सर्विसेज़ होगा चेंज, CM Nitish का बड़ा ऐलान, राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में होगा क्रांतिकारी बदलाव, पढ़िए

परिवहन मंत्री ने यह भी बताया कि इस संबंध में पहले भी कई बार निर्देश जारी किए जा चुके हैं, लेकिन उन पर गंभीरता से अमल नहीं हो रहा था। अब विभाग इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेगा। यह कदम बिहार की सड़कों पर शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

सरकारी आदेशों का उल्लंघन: अतीत और वर्तमान की चुनौती

यह मुद्दा तब और महत्वपूर्ण हो जाता है जब हम देखते हैं कि सरकारी आदेशों की अनदेखी का चलन किस तरह बढ़ता जा रहा है। विधान परिषद में यह सवाल उठाना इस बात का प्रमाण है कि जनता और जनप्रतिनिधि दोनों ही इस समस्या से चिंतित थे। अब नए निर्देश के साथ, उम्मीद है कि अधिकारी और कर्मचारी नियमों का पालन करेंगे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/national/। इस प्रतिबंध का उद्देश्य केवल कानून का पालन कराना नहीं है, बल्कि एक ऐसा माहौल बनाना भी है जहां हर नागरिक को ध्वनि प्रदूषण से राहत मिल सके। परिवहन विभाग ने सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने के लिए कहा है। यह कदम राज्य के लिए एक बेहतर, शांत और अनुशासित भविष्य की नींव रखेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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