



National Strike: सड़कों पर जब नारों का सैलाब उमड़ता है, तो हुकूमत की चूलें हिल जाती हैं। दरभंगा की धरती एक बार फिर इसी आक्रोश की गवाह बनी, जब देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में मजदूरों, किसानों और खेत मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरी। केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन सिंहवाड़ा प्रखंड में देखने को मिला, जहां प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर अपना गुस्सा जाहिर किया।
अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन की कंसी शाखा के नेतृत्व में गुरुवार, 12 फरवरी 2026 को राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल का समर्थन किया गया। इस दौरान यूनियन के सदस्यों ने एनएच-27 पर स्थित कंसी हड़ताली चौक को एक घंटे तक पूरी तरह जाम रखा। विरोध प्रदर्शन के दौरान एक सभा का भी आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता सुजीत कुमार झा हाकिम ने की। प्रदर्शनकारियों ने सरकार विरोधी नारे लगाते हुए अपनी मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की अपील की। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
National Strike के तहत मजदूरों ने रखीं प्रमुख मांगें
सभा को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन के जिला मंत्री दिलीप भगत ने सरकार की नीतियों पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए चार लेबर कोड मजदूरों के अधिकारों का हनन करते हैं और उनके शोषण का रास्ता खोलते हैं। उन्होंने सरकार से इन कानूनों को तत्काल रद्द करने की मांग की। भगत ने कहा, “ये कानून मजदूरों को संगठित होकर अपने हक के लिए लड़ने से रोकते हैं। सरकार एक के बाद एक काले कानून लाकर श्रमिकों के अधिकार छीन रही है।”
प्रदर्शनकारियों ने अपनी कई सूत्रीय मांगों को सरकार के सामने रखा, जिनमें प्रमुख हैं:
- चारों मजदूर विरोधी लेबर कोड को रद्द किया जाए।
- मनरेगा कानून को कमजोर करने वाले प्रावधानों को वापस लिया जाए।
- किसान विरोधी बीज विधेयक और बिजली संशोधन विधेयक 2025 को रद्द करें।
- आउटसोर्सिंग पर काम कर रहे कर्मचारियों को स्थायी नौकरी दी जाए।
- न्यूनतम वेतन ₹26,000 प्रति माह और दैनिक मजदूरी ₹700 लागू की जाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
उन्होंने कहा कि सरकार को इन मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए, वरना यह आंदोलन और तेज होगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
डबल इंजन सरकार में बढ़ा अपराध: दिलीप भगत
दिलीप भगत ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार में राज्य में अपराध बेतहाशा बढ़ा है। उन्होंने दरभंगा विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के सुंदरपुर में हुई 6 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या की दर्दनाक घटना का जिक्र करते हुए दोषियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर जल्द से जल्द फांसी की सजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज को शर्मसार करती हैं और सरकार की विफलता को दर्शाती हैं। सभा को दिलीप भगत के अलावा चंदेश्वर महतो, मोहन पासवान, संजय शाह, सुमन शाह और तबरेज आलम समेत कई अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। वक्ताओं ने परीक्षा के दौरान जाम पर नियंत्रण रखने की भी मांग रखी ताकि छात्रों को परेशानी न हो।



