



Darbhanga Railway Station: मिथिला की धरती पर अब विकास की ट्रेन ऐसी दौड़ेगी कि रोजगार और तरक्की के नए स्टेशन बनते चले जाएंगे। दरभंगा सहित पूरे मिथिला क्षेत्र के लिए रेलवे की ओर से एक बड़ी सौगात मिलने वाली है, जिसकी तैयारी अब मिशन मोड में शुरू हो चुकी है। स्थानीय सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने गुरुवार को संसद भवन में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर इस क्षेत्र की निर्माणाधीन रेल परियोजनाओं में तेजी लाने का आग्रह किया। इस मुलाकात का सबसे बड़ा नतीजा शीशो बाईपास में प्रस्तावित मेगा कोचिंग कॉम्प्लेक्स के रूप में सामने आ सकता है, जो रेलवे का एक ड्रीम प्रोजेक्ट माना जा रहा है।
Darbhanga Railway Station पर क्या है रेलवे का ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’?
सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने रेल मंत्री के साथ हुई बैठक के बाद जानकारी दी कि दरभंगा के शीशो स्टेशन पर 300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से एक मेगा कोचिंग कॉम्प्लेक्स बनाने का प्रस्ताव है। यह प्रोजेक्ट रेलवे के लिए एक ड्रीम प्रोजेक्ट की तरह है और इसके पूरा हो जाने से न केवल ट्रेनों की आवाजाही सुगम होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर भी पैदा होंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके अलावा, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत लगभग 340 करोड़ की लागत से दरभंगा जंक्शन को विश्वस्तरीय बनाने का काम भी तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।
बैठक में सांसद ने बताया कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस बजट में बिहार को रेलवे परियोजनाओं के लिए 10,379 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो एक ऐतिहासिक कदम है। इसी कड़ी में मिथिला क्षेत्र को जल्द ही नई रेल परियोजनाओं का तोहफा मिलेगा।
रोजगार और कनेक्टिविटी का खुलेगा नया रास्ता
वर्तमान में दरभंगा स्टेशन मिथिला का सबसे व्यस्त स्टेशन है, जहां से प्रतिदिन 15 ट्रेनें खुलती हैं और औसतन 51 यात्री ट्रेनें व 14 मालगाड़ियां गुजरती हैं। सीमित सुविधाओं के कारण ट्रेनों का समय पर परिचालन एक बड़ी चुनौती बन गया है। इसी समस्या के समाधान के लिए दरभंगा से मात्र 4 किलोमीटर दूर शीशो में यह मेगा कोचिंग कॉम्प्लेक्स प्रस्तावित है। इस कॉम्प्लेक्स में 5 वॉशिंग पिट, 5 प्लेटफॉर्म, 3 स्टेबलिंग लाइन और 1 सिक लाइन बनाने की योजना है।
इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से न सिर्फ ट्रेनों का परिचालन समयबद्ध होगा, बल्कि कई लंबी दूरी की नई ट्रेनों का संचालन भी यहां से शुरू हो सकेगा। इससे यह क्षेत्र देश के दूसरे हिस्सों से बेहतर तरीके से जुड़ जाएगा, जो रेलवे कनेक्टिविटी के लिए वरदान साबित होगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह परियोजना स्थानीय युवाओं के लिए उम्मीद की एक नई किरण लेकर आई है।
मिथिला के लिए अन्य बड़ी योजनाओं पर भी हुई चर्चा
सांसद डॉ. ठाकुर ने रेल मंत्री के सामने मिथिला क्षेत्र की अन्य लंबित मांगों को भी रखा। उन्होंने वर्षों से लंबित सकरी-हसनपुर रेलवे लाइन को शीघ्र शुरू करने की मांग की। इसके अलावा लहेरियासराय से सहरसा और लहेरियासराय से मुजफ्फरपुर तक प्रस्तावित नई रेल लाइनों की औपचारिकताओं को जल्द पूरा करने पर भी जोर दिया। दरभंगा शहर की म्यूजियम गुमटी पर लाइट आरओबी के निर्माण कार्य में तेजी लाने और दरभंगा से होकर राजधानी एक्सप्रेस शुरू करने जैसे मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। रेल मंत्री ने इन सभी परियोजनाओं पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया है, ताकि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ मिथिला के लोगों को जल्द से जल्द मिल सके।


