एक व्यक्ति खुद रहकर गंदा हमें, हमारे पड़ोस को करता है साफ – होता नहीं उसके साथ इंसाफ | उसे हम दुत्कारते हैं उससे दूर भागते हैं उसके गंदा होने में क्या उसका दोष है ? या हम हैं इसके लिए जिम्मेदार क्योंकि ! गंदगी हम ही तो फैलाते हैं , घर हो या ट्रेन साफ करता है वह करता अपना धंधा प्रश्न कौन है गंदा
आओ शहरवासियों तुम्हें बताएं,
महत्ता कचरा दान की।
बिना प्रबंधन बीमारी,
फैले जो दुश्मन जान की।
कपड़े की झोली विकल्प है
पॉलीथिन की थैली की।
तुम्हारे कंधों पर निर्भर है,
सफलता इस अभियान की!

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