



Fake Liquor Factory: जश्न की आड़ में मौत का कारोबार फल-फूल रहा था, लेकिन उत्पाद विभाग की एक दस्तक ने शराब माफियाओं के मंसूबों पर पानी फेर दिया। बोकारो में विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली विदेशी शराब बनाने वाली फैक्ट्री का उद्भेदन किया है। यह कार्रवाई सहायक आयुक्त उत्पाद, बोकारो के निर्देश पर की गई।
छापेमारी में Fake Liquor Factory से क्या-क्या मिला?
उत्पाद विभाग को मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर बुधवार देर शाम जरीडीह थाना क्षेत्र के रोरिया गांव स्थित तिलायतंड टोला में छापेमारी की गई। एक मकान के अंदर चल रही इस फैक्ट्री से अधिकारियों की टीम ने विभिन्न ब्रांडों की 1800 बोतलें बरामद कीं, जिनमें लगभग 534.600 लीटर नकली विदेशी शराब भरी हुई थी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जब्त की गई शराब में मैकडॉवेल, स्टर्लिंग बी7, रॉयल स्टैग, आइकॉनिक व्हाइट और रॉयल चैलेंज जैसे लोकप्रिय ब्रांड शामिल थे। इसके अलावा, मौके से 18 जरकिनों में भरा करीब 900 लीटर स्पिरिट, बड़ी मात्रा में नकली ईएएल (एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल), विभिन्न ब्रांडों के स्टीकर, बोतल के ढक्कन, खाली बोतलें और कारमेल मिक्सर भी जब्त किया गया।

चुनाव और त्योहार पर थी पैनी नजर
उत्पाद विभाग ने जानकारी दी कि आगामी नगरपालिका आम चुनाव 2026 और होली के त्योहार को देखते हुए अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसी अभियान के तहत यह बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस कार्रवाई से अवैध शराब के कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का मानना है कि इस खेप को चुनाव और त्योहार के दौरान बाजार में खपाने की तैयारी थी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस मामले में कुंडोरी निवासी राजा बाबू, बस्तेजी निवासी संतोष मुर्मू और रोरिया निवासी दुर्गा चरण हँसदाह के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस सफल अभियान में अवर निरीक्षक उत्पाद सन्नी विवेक तिर्की (तेनुघाट) और महेश दास (चंद्रपुरा सह बेरमो अंचल) के साथ अधीनस्थ उत्पाद बल की भूमिका सराहनीय रही। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी अवैध शराब के खिलाफ इस तरह के सख्त अभियान जारी रहेंगे।




