



Bokaro News: स्कूल की जर्जर हालत देख भड़के DC, रातों-रात सामुदायिक भवन में लगी क्लास, बच्चों को मिले नए बस्ते
Bokaro News: जहां ज्ञान की नींव ही दरक रही हो, वहां भविष्य की इमारत कैसे खड़ी होगी? फुसरो के एक प्राथमिक विद्यालय की कहानी भी कुछ ऐसी ही थी, लेकिन उपायुक्त के एक औचक निरीक्षण ने बच्चों के भविष्य को फिलहाल एक नई और सुरक्षित छत दे दी है। प्रशासन की इस पहल से अभिभावकों और छात्रों ने राहत की सांस ली है।
मामला बोकारो के प्राथमिक विद्यालय रीजनल हॉस्पिटल फुसरो का है, जहां मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव था। विद्यालय भवन की स्थिति इतनी जर्जर थी कि वहां बच्चों को पढ़ाना किसी खतरे से खाली नहीं था। बुधवार को जब उपायुक्त अजय नाथ झा निरीक्षण के लिए पहुंचे, तो वे स्कूल के संचालन में गंभीर कमियों और अव्यवस्था को देखकर बेहद नाराज हुए। उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Bokaro News: उपायुक्त के निर्देश पर हुई त्वरित कार्रवाई
उपायुक्त के निर्देश के बाद जिला प्रशासन का शिक्षा विभाग फौरन हरकत में आया। 24 घंटे के भीतर ही, गुरुवार को विद्यालय को पास के ही एक सामुदायिक केंद्र में अस्थायी रूप से स्थानांतरित कर दिया गया। आनन-फानन में बच्चों के बैठने और पढ़ने की व्यवस्था की गई। यही नहीं, इस नई शुरुआत के मौके पर सभी बच्चों को नए स्कूल बैग और कॉपियां भी वितरित की गईं, ताकि उनकी पढ़ाई में कोई रुकावट न आए। इस त्वरित कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि प्रशासन अगर चाहे तो व्यवस्था को सुधारने में देर नहीं लगती।
इस कदम से न केवल बच्चों को एक सुरक्षित माहौल मिला, बल्कि उनकी शैक्षणिक गतिविधियों को भी नई ऊर्जा मिली। एक अच्छे सरकारी स्कूल का माहौल बच्चों के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। बच्चों के चेहरे पर नए बैग और नई जगह पर पढ़ाई शुरू करने की खुशी साफ झलक रही थी।
जल्द होगी विद्यालय भवन की मरम्मत
जिला शिक्षा पदाधिकारी जगरनाथ लोहरा ने जानकारी देते हुए बताया कि यह एक अस्थायी व्यवस्था है। उन्होंने आश्वस्त किया है कि जिला प्रशासन जल्द से जल्द मूल विद्यालय भवन की मरम्मत का काम पूरा कराएगा। हमारा लक्ष्य बच्चों को एक बेहतर और स्थायी शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जैसे ही विद्यालय भवन सभी आवश्यक सुविधाओं के साथ दुरुस्त हो जाएगा, कक्षाओं को वापस वहीं स्थानांतरित कर दिया जाएगा। प्रशासन के इस आश्वासन के बाद स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस सरकारी स्कूल की दशा जल्द ही सुधर जाएगी।




