



Bokaro News: जैसे खेत को चाहिए पानी और बीज, वैसे ही पशुपालक की उम्मीदें टिकी हैं अच्छी नस्ल के मवेशी पर। इसी उम्मीद को पंख लगाने के लिए अब प्रशासन ने कमर कस ली है।
Bokaro News: पशुपालकों की चमकेगी किस्मत! उपायुक्त ने दिया पशु मेले के आयोजन का आदेश, अच्छी नस्ल की गायें मिलेंगी
जिले के पशुपालकों के लिए यह एक बड़ी खुशखबरी है। उपायुक्त अजय नाथ झा ने पशुपालकों के हितों को ध्यान में रखते हुए जिले में भव्य पशु मेले के आयोजन का निर्देश दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य मुख्यमंत्री पशुधन योजना को प्रभावी ढंग से लागू करना और लाभार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाले पशुधन उपलब्ध कराना है।
Bokaro News: उपायुक्त ने क्यों दिए पशु मेले के आयोजन के निर्देश
उपायुक्त अजय नाथ झा ने अपने कार्यालय कक्ष में जिला गव्य विकास विभाग से संबंधित पशु आपूर्तिकर्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में उप विकास आयुक्त (डीडीसी) शताब्दी मजूमदार, जिला गव्य पशुपालन पदाधिकारी त्रिदेव मंडल और अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद थे। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेले के सफल आयोजन के लिए जिले के विभिन्न प्रखंडों में 4 से 5 उपयुक्त स्थलों की पहचान तत्काल की जाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि इन चयनित स्थलों पर सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों, ताकि पशुपालकों और विक्रेताओं को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।बैठक के दौरान उपायुक्त ने पशु आपूर्तिकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि पशुओं की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पशुधन योजना के तहत ‘दो गाय’ और ‘पांच गाय’ योजना के शेष लगभग 150 लाभार्थियों के बीच जल्द ही पशुओं का वितरण किया जाना है। इस प्रक्रिया में केवल अच्छी नस्ल की और पूरी तरह से स्वस्थ गायें ही दी जाएं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
पशुपालकों की आय बढ़ाना ही मुख्य लक्ष्य
उपायुक्त अजय नाथ झा ने जोर देकर कहा कि इस पूरी पहल का एकमात्र लक्ष्य पशुपालकों की आय में वृद्धि करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इसलिए, पशुओं के चयन, आपूर्ति और वितरण की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाना चाहिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और पशु विक्रेताओं को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया ताकि योजना का लाभ हर पात्र लाभार्थी तक पहुंच सके।इसके अलावा, बैठक में पनीर और खोआ मेकिंग यूनिट से जुड़े लाभार्थियों का मुद्दा भी उठा। उपायुक्त ने संबंधित आपूर्तिकर्ता एजेंसी के प्रतिनिधि को निर्देश दिया कि चयनित लाभार्थियों को जल्द से जल्द मानक के अनुरूप मशीनें उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मशीनों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आपूर्ति में देरी नहीं होनी चाहिए। यह कदम पशुपालकों के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। संबंधित अधिकारियों को पूरी आपूर्ति प्रक्रिया की निगरानी करने का भी निर्देश दिया गया है।


