back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 13, 2026
spot_img

Bokaro News: आईटीआई बोकारो में नशे और मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता संगोष्ठी

spot_img
- Advertisement - Advertisement

जीवन की उलझनों में कई बार इंसान ऐसे भंवर में फंस जाता है, जहां से बाहर निकलना मुश्किल जान पड़ता है। नशे की गिरफ्त भी ऐसा ही एक अंधेरा कुआँ है, जिससे बाहर आने के लिए रोशनी और मार्गदर्शन की सख्त जरूरत होती है। Bokaro News: इसी प्रयास में बोकारो के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य युवाओं को नशे के जाल से बचाना और उनके मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करना था।

- Advertisement -

Bokaro News: युवाओं को नशे से बचाने की मुहिम

सिविल सर्जन डॉ. अभय भूषण प्रसाद के मार्गदर्शन में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) बोकारो में नशा मुक्ति और मानसिक स्वास्थ्य पर एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग से डॉ. प्रशांत कुमार मिश्रा, मोहम्मद असलम और छोटेलाल दास ने सक्रिय भागीदारी की। संगोष्ठी का शुभारंभ प्रभारी प्राचार्य महेंद्र रजक ने किया, जिन्होंने अपने संबोधन में छात्रों को तम्बाकू और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाली शारीरिक बीमारियों के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया।

- Advertisement -

नशे की लत सिर्फ शरीर को ही नहीं, बल्कि मन को भी भीतर से खोखला कर देती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सदर अस्पताल बोकारो के मनोरोग चिकित्सक डॉ. प्रशांत कुमार मिश्रा ने छात्रों को नशे की लत से उपजे मानसिक प्रभावों जैसे उदासी, चिड़चिड़ापन, आत्मविश्वास की कमी, घुटन महसूस करना और नींद न आने जैसी समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने मोबाइल के अत्यधिक उपयोग और उसकी ब्लू लाइट के आंखों पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभावों पर भी प्रकाश डाला, जिससे आंखों में जलन, सूखापन और धुंधलापन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Bokaro में Fake Liquor Factory का भंडाफोड़, होली से पहले 'जहर' की बड़ी खेप जब्त, तीन पर FIR

नशा मुक्ति के लिए परामर्श और सहयोग

जिला परामर्शी मोहम्मद असलम ने सभी छात्रों से तम्बाकू की लत छोड़ने के लिए तम्बाकू नशा मुक्ति केंद्र से जुड़कर परामर्श सेवाएँ लेने का आह्वान किया। उन्होंने छात्रों को नशा छोड़ने से पहले कुछ महत्वपूर्ण बातों पर ध्यान देने की सलाह दी। इनमें आत्म-विश्वास बढ़ाना कि वे तम्बाकू छोड़ सकते हैं, परिवार के सदस्यों का सहयोग लेना, दोस्तों को अपनी नशा मुक्ति की इच्छा के बारे में बताना, ऐसे स्थानों पर जाने से बचना जहाँ नशे का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाता हो, वैकल्पिक गतिविधियों की तलाश करना और नशा छोड़ने के लिए एक निश्चित दिन तय करना शामिल है। यह कदम न सिर्फ व्यक्तिगत स्तर पर बल्कि सामाजिक स्तर पर भी काफी महत्वपूर्ण है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

भविष्य की पीढ़ी को सशक्त बनाना

यह जागरूकता कार्यक्रम युवाओं को सही राह दिखाने और उन्हें एक स्वस्थ भविष्य की ओर अग्रसर करने में सहायक सिद्ध होगा। आईटीआई बोकारो का यह प्रयास सराहनीय है, जहाँ छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी जागरूक किया जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस कार्यक्रम में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बोकारो के प्रभारी प्राचार्य महेंद्र रजक, स्वास्थ्य विभाग से मनोरोग चिकित्सक डॉ. प्रशांत कुमार मिश्रा, तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के जिला परामर्शी मोहम्मद असलम, सोशल वर्कर छोटेलाल दास के साथ-साथ विद्यालय के शिक्षक संजय चौधरी और नितिन भी उपस्थित थे। ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जगती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

बेंगलुरु में खुला Nothing Store: पाएं CMF Buds 2 मात्र 99 रुपये में और भी बहुत कुछ

Nothing Store: भारतीय टेक बाजार में अपनी अलग पहचान बनाने वाली कंपनी नथिंग अब...

Lawrence Bishnoi गैंग का बॉलीवुड पर खौफ? रोहित शेट्टी और रणवीर सिंह मामले में बड़ा खुलासा!

Lawrence Bishnoi News: बॉलीवुड के गलियारों में इन दिनों खौफ और साजिशों का साया...

विजया एकादशी 2026: विजय और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करें

Vijaya Ekadashi: सनातन धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है, और फाल्गुन मास...

NHAI की नई पहल: गंदे टॉयलेट की शिकायत कर जीतें ₹1000 और सुधारे Traffic Rules के अनुभव

Traffic Rules: भारत में सड़क यात्रा अब केवल गंतव्य तक पहुंचने का माध्यम नहीं,...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें