



Bangladesh Election: बांग्लादेश की सियासत में एक नया सूरज उगा है, जिसने पुरानी धूप-छांव को नई रोशनी दी है। आवाम के दिल पर राज करने वाले नेता तारिक रहमान की पार्टी ने ऐतिहासिक विजय पताका फहराई है।
बांग्लादेश के संसदीय चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की ऐतिहासिक विजय ने दक्षिण एशियाई राजनीति में एक नया अध्याय खोल दिया है। इस महत्वपूर्ण जीत के बाद, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बीएनपी नेता तारिक रहमान को हार्दिक बधाई दी। प्रधानमंत्री मोदी ने भविष्य में द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीएनपी की यह जीत बांग्लादेश के लोगों के तारिक रहमान के नेतृत्व में अटूट विश्वास को दर्शाती है और उन्होंने उनके साथ मिलकर काम करने की उत्सुकता जाहिर की। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर तारिक रहमान को टैग करते हुए कहा कि भारत हमेशा एक ‘लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी’ बांग्लादेश के समर्थन में खड़ा रहेगा। उन्होंने लिखा, ‘बांग्लादेश में संसदीय चुनावों में बीएनपी को यह महत्वपूर्ण जीत दिलाने के लिए मैं तारिक रहमान को दिल से बधाई देता हूं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘यह विजय बांग्लादेश की जनता के आपके नेतृत्व पर भरोसे को दर्शाती है। मैं हमारे विविध संबंधों को मजबूत करने और हमारे साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए आपके साथ काम करने को उत्सुक हूं।’
Bangladesh Election: तारिक रहमान पर जनता का भरोसा
हालांकि आधिकारिक परिणामों की घोषणा अभी बाकी है, लेकिन बीएनपी ने पहले ही 300 सदस्यीय संसद में दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लिया है, जो एक बड़ी जीत की ओर इशारा करता है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बीएनपी ने अब तक 212 सीटें जीती हैं। इसके विपरीत, जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11-दलीय गठबंधन का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा और उसे लगभग 70 सीटें ही मिल पाई हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
बीएनपी के नेता ने दोस्ती का पैगाम भेजा
बीएनपी की नेता ज़ेबा अमीना खान ने अपने बयान में कहा, ‘हम पड़ोसी हैं, हम मित्र हैं, और हमें मित्र बने रहना चाहिए। हमारी सीमा बहुत बड़ी है। जो भारत के लिए सुरक्षा जोखिम है, वही हमारे लिए भी है। इसलिए, हमें एक-दूसरे का ध्यान रखना चाहिए। हमारे सीमावर्ती क्षेत्रों में कुछ छोटे-मोटे मुद्दे हैं, और इन्हें आपसी सहयोग से मिलकर सुलझाना चाहिए ताकि हम मिलजुलकर रह सकें। हमें भारत से कोई समस्या क्यों होगी? हमें नहीं है। भारत को बांग्लादेश के लोगों के साथ मिलकर काम करना चाहिए।’ यह बयान भारत-बांग्लादेश संबंध के भविष्य को लेकर बीएनपी के सकारात्मक रुख को दर्शाता है।
पाकिस्तान की उम्मीदें और जमीनी हकीकत
रक्षा विशेषज्ञों ने बताया है कि पाकिस्तान संभवतः जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाली सरकार को पसंद करेगा। अटलांटिक काउंसिल में दक्षिण एशिया के वरिष्ठ फेलो माइकल कुगेलमैन ने टिप्पणी की कि इस्लामाबाद ही एकमात्र क्षेत्रीय खिलाड़ी होगा जो जमात की जीत का स्वागत करता। इंडिपेंडेंट यूनिवर्सिटी, बांग्लादेश में ग्लोबल स्टडीज और गवर्नेंस के लेक्चरर खांडाकर तहमीद रेजवान ने कहा कि यदि जमात सत्ता में आती, तो वे टकराव के बजाय भारत के साथ रिश्ते स्थापित करने का प्रयास कर सकते थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

