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Stock Market: शेयर बाजार का ‘ब्लैक फ्राइडे’… IT शेयरों की सुनामी में डूबा भारतीय बाजार, निवेशकों के लिए ‘ब्लैक फ्राइडे’

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Stock Market: भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन वाकई एक ‘ब्लैक फ्राइडे’ साबित हुआ, जिसने निवेशकों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। गुरुवार को सूचना प्रौद्योगिकी (IT) शेयरों में आई जबरदस्त गिरावट का असर इतना गहरा था कि शुक्रवार को सुबह के कारोबार में ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक गोता लगाते नजर आए, जिससे पूरे बाजार में हड़कंप मच गया।

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शेयर बाजार: आईटी शेयरों की सुनामी में डूबा भारतीय बाजार, निवेशकों के लिए ‘ब्लैक फ्राइडे’

गहरे शेयर बाजार में आईटी सेक्टर का हाल: एक विस्तृत विश्लेषण

आज सुबह करीब 9:45 बजे, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 844.58 अंक या 1.01 प्रतिशत गिरकर 82830.34 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 260.80 अंक या 1.01 प्रतिशत लुढ़ककर 25,546.40 के स्तर पर आ गया। यह गिरावट ग्लोबल मार्केट में कमजोरी और सूचना प्रौद्योगिकी शेयर में लगातार बिकवाली के दबाव का सीधा परिणाम थी, जिसने निवेशकों की धारणा को बुरी तरह प्रभावित किया।

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पूरे ब्रॉडर मार्केट में भी दबाव का माहौल बना रहा। इस दौरान निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 1.3 प्रतिशत नीचे फिसल गया। यह दर्शाता है कि बाजार में गिरावट का असर सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं था, बल्कि इसने छोटे और मझोले शेयरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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सेक्टरवार प्रदर्शन पर नजर डालें तो निफ्टी IT इंडेक्स में अकेले 5 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट में सबसे ज्यादा नुकसान दिग्गज कंपनी इन्फोसिस (Infosys) को हुआ, जिसके शेयरों में 5.6 प्रतिशत की भारी कमी आई। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), एचसीएल टेक (HCL Tech), एलटीआईमाइंडट्री (LTIMindtree), कोफोर्ज (Coforge) और विप्रो (Wipro) जैसे बड़े सूचना प्रौद्योगिकी शेयर भी इस बिकवाली की चपेट में आकर सबसे बड़े लूजर्स में शामिल रहे, जिसने समग्र बाजार की कमजोरी को और बढ़ा दिया।

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वैश्विक बाजारों में गिरावट और अमेरिकी टेक कंपनियों की चुनौतियां

अमेरिकी शेयर बाजार वॉल स्ट्रीट में रातोंरात हुए नुकसान के बाद शुक्रवार को एशियाई बाजारों में भी ज्यादातर गिरावट दर्ज की गई। जापान का निक्केई 225 सूचकांक कुछ देर के लिए 58000 के स्तर पर पहुंचने के बावजूद 0.58 प्रतिशत तक फिसल गया। टॉपिक्स इंडेक्स में भी 0.58 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। हालांकि, इस बीच दक्षिण कोरिया के कोस्पी ने 0.35 प्रतिशत की मामूली बढ़त हासिल की, लेकिन स्मॉल-कैप कोस्डैक 1.36 प्रतिशत तक नीचे फिसल गया। हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स 26,703 पर था, जो इसके पिछले बंद भाव 27,032.54 से कम है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

अमेरिकी बाजारों की बात करें तो, टेक शेयरों में लगातार बिकवाली के चलते अमेरिकी इंडेक्स में बीते तीन सत्रों से गिरावट देखी जा रही थी। हालांकि, गुरुवार को अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स लगभग फ्लैट नजर आए। S&P 500 फ्यूचर्स ने 0.02 प्रतिशत और नैस्डैक 100 फ्यूचर्स ने 0.04 प्रतिशत की मामूली बढ़त हासिल की। वहीं, डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज से जुड़े फ्यूचर्स में ज्यादा कुछ बदलाव नहीं हुआ।

अमेरिकी टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में लगातार बिकवाली की सबसे बड़ी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में किया जा रहा भारी निवेश है। निवेशकों की चिंताएं लगातार इस बात को लेकर बढ़ रही हैं कि बड़ी टेक कंपनियों द्वारा AI पर किया जा रहा भारी-भरकम निवेश सही रिटर्न दिला पाएगा भी या नहीं। यह एक अहम सवाल है, जिस पर दुनियाभर के निवेशक नजर बनाए हुए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

अमेज़ॅन (Amazon), गूगल (Google), मेटा (Meta) और माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) जैसी बड़ी टेक कंपनियां AI से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को डेवलप करने के लिए लगभग 650 बिलियन डॉलर का निवेश करने की योजना बना रही हैं। इन सभी कंपनियों में इस बदलते तकनीकी माहौल में एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ मची हुई है। खर्च के बढ़ते पैमाने ने उनके मार्जिन पर दबाव बनाया है, जबकि AI से होने वाली कमाई (मोनेटाइजेशन) को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। इसके साथ ही, ग्लोबल सॉफ्टवेयर और सर्विस इकोसिस्टम में संभावित रुकावट का डर भी निवेशकों को सता रहा है, जो आईटी शेयरों पर दबाव का एक बड़ा कारण बना हुआ है।

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