



Patna News: जीवन की डोर कब टूट जाए, कोई नहीं जानता। पटना में एक ऐसी ही हृदय विदारक घटना सामने आई है, जिसने शिक्षा के मंदिरों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Patna News: कोचिंग सेंटर की छत से गिरी छात्रा, परिवार ने बताया ‘हत्या’ – शहर में सनसनी!
Patna News: आखिर क्या है फुलवारीशरीफ की इस घटना का सच?
Patna News: राजधानी पटना के फुलवारीशरीफ इलाके में हाल ही में एक ऐसी दर्दनाक घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया है, जहां एक 17 वर्षीय छात्रा पिंकी कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पिंकी 12वीं कक्षा की छात्रा थी और जिस इमारत से वह गिरी, वह एक कोचिंग सेंटर या हॉस्टल से जुड़ी बताई जा रही है। परिवार का आरोप है कि उनकी बेटी को छत से धक्का देकर गिराया गया है, यानी यह आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।
इस संदिग्ध मौत ने इलाके में डर और सनसनी फैला दी है। लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं कि आखिर एक छात्रा, जो अपनी पढ़ाई पूरी करने आई थी, उसकी इस तरह से अकाल मृत्यु कैसे हो सकती है? क्या कोचिंग सेंटर या हॉस्टल प्रबंधन की कोई लापरवाही थी, या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है?
क्या है पुलिस की शुरुआती जांच?
पुलिस ने बताया कि उन्हें सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची। छात्रा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा। परिवार वालों के बयान दर्ज किए गए हैं, जिसमें उन्होंने हत्या की आशंका जताई है। पुलिस फिलहाल मामले की हर एंगल से जांच कर रही है, जिसमें कोचिंग सेंटर के कर्मचारियों, अन्य छात्रों और हॉस्टल प्रबंधन से पूछताछ शामिल है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। एक छात्रा का इस तरह से एक सुरक्षित कहे जाने वाले स्थान से गिरना और परिवार द्वारा हत्या का आरोप लगाना, कानून व्यवस्था के लिए एक चुनौती है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
परिवार का गंभीर आरोप और न्याय की मांग
पिंकी के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि उनकी बेटी इतनी कमजोर नहीं थी कि वह आत्महत्या करे। उन्हें यकीन है कि उनकी बेटी के साथ कुछ गलत हुआ है और उसे जानबूझकर छत से फेंका गया है। वे पुलिस से जल्द से जल्द दोषियों को पकड़ने और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उनका कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता, वे शांत नहीं बैठेंगे।
इस घटना ने एक बार फिर महानगरों में छात्राओं की सुरक्षा और शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी को लेकर बहस छेड़ दी है। पुलिस को जल्द से जल्द इस मामले का पटाक्षेप कर जनता के सामने सच लाना होगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



