



Bihar Vidhan Sabha: विधानसभा का सत्र मानो किसी खुली अदालत में तब्दील हो गया, जहाँ जनता के मुद्दों पर सीधी बहस छिड़ी। ठीक ऐसे ही एक सवाल ने सरकार की कार्यप्रणाली और आधुनिकता की कसौटी पर परखने का काम किया।
बिहार विधानसभा सत्र में गूंजा डिजिटल क्रांति का सवाल
बिहार विधानसभा: विधानसभा के जीवंत सत्र में उस वक्त एक तीखी बहस देखने को मिली जब भाजपा विधायक विनय बिहारी ने बिहार डेंटल काउंसिल में ऑनलाइन प्रणाली लागू न होने पर सरकार को घेरा। उन्होंने सीधे तौर पर सरकार से पूछा कि आखिर डेंटल काउंसिल की सभी सेवाएं ऑनलाइन कब से उपलब्ध होंगी, ताकि आम जनता को सहूलियत मिल सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस सवाल ने प्रशासनिक व्यवस्था में डिजिटल सुधार की धीमी गति पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया। विधायकों का मानना था कि जब लगभग हर विभाग में कामकाज ऑनलाइन हो रहा है, तो डेंटल काउंसिल जैसी महत्वपूर्ण संस्था को इससे अछूता क्यों रखा गया है।
ऑनलाइन सेवाओं की मांग और सरकार की प्रतिक्रिया
विधायक विनय बिहारी ने सदन में अपनी बात रखते हुए कहा कि डेंटल काउंसिल में अभी भी पुरानी पद्धतियों से काम हो रहा है, जिससे न केवल प्रक्रिया धीमी होती है बल्कि पारदर्शिता भी प्रभावित होती है। उन्होंने सरकार से स्पष्टीकरण मांगा और एक निश्चित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन प्रणाली लागू करने की मांग की। सरकार की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया गया है, लेकिन सदन में यह मुद्दा जोर-शोर से उठाया गया है। यह दिखाता है कि कैसे जनप्रतिनिधि जनता से जुड़े छोटे-छोटे, लेकिन महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी गंभीर हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।https://deshajtimes.com/news/national/
आधुनिक युग में जब हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति हो रही है, तब सरकारी विभागों में डिजिटल सुधार की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है। जनता को सुगम और त्वरित सेवाएं प्रदान करना सरकार का प्राथमिक कर्तव्य है। देखना होगा कि बिहार सरकार इस दिशा में कब तक ठोस कदम उठाती है और बिहार डेंटल काउंसिल को भी डिजिटल युग की मुख्यधारा में शामिल करती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, जो हर खबर आप तक पहुंचाता है।



