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फ़रवरी, 13, 2026
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UPSC: मोइन अहमद की प्रेरणादायक कहानी: साइबर कैफे से IAS अधिकारी तक का सफर

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UPSC: देश के लाखों युवा हर साल भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में शामिल होने का सपना देखते हैं, लेकिन इस सपने को साकार करना किसी चुनौती से कम नहीं होता। इसमें अथक प्रयास, धैर्य और मजबूत इरादों की आवश्यकता होती है। आज हम आपको एक ऐसे ही संघर्षशील युवा मोइन अहमद की कहानी बताने जा रहे हैं, जिन्होंने तमाम मुश्किलों और असफलताओं के बावजूद अपनी मंजिल हासिल की।

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UPSC: मोइन अहमद की प्रेरणादायक कहानी: साइबर कैफे से IAS अधिकारी तक का सफर

मोइन अहमद का बचपन और शुरुआती संघर्ष

मोइन अहमद का जन्म मुरादाबाद के दिलारी क्षेत्र के जटपुरा गांव में हुआ था। उनका परिवार साधारण जीवन जीता था। उनके पिता, वली हसन, उत्तर प्रदेश रोडवेज में एक कॉन्ट्रैक्ट बस ड्राइवर थे। घर की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी। परिवार में पांच भाई-बहन थे और मोइन दूसरे नंबर पर आते हैं। ऐसे माहौल में अपनी पढ़ाई जारी रखना ही अपने आप में एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन मोइन ने बचपन से ही एक बड़ा अफसर बनने का सपना देख लिया था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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मोइन का सपना था कि वह UPSC पास करके IAS ऑफिसर बनें। लेकिन इस प्रतिष्ठित परीक्षा की तैयारी करना आसान नहीं होता, क्योंकि इसके लिए अक्सर महंगी कोचिंग और बेहतर संसाधनों की आवश्यकता होती है। मोइन के पास इतने पैसे नहीं थे कि वह बड़े कोचिंग संस्थानों में पढ़ाई कर सकें। इसके बावजूद, उन्होंने हार नहीं मानी और खुद मेहनत करके तैयारी करने का फैसला लिया।

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UPSC परीक्षा में लगातार असफलता के बाद भी नहीं मानी हार

मोइन ने UPSC परीक्षा की तैयारी शुरू की, लेकिन शुरुआत में उन्हें लगातार तीन बार असफलता मिली। खास बात यह रही कि वह तीनों बार प्रीलिम्स परीक्षा ही पास नहीं कर पाए। इतनी बड़ी असफलता किसी का भी मनोबल तोड़ सकती है, लेकिन मोइन ने इसे अपनी कमजोरी समझकर सुधारने की ठानी। उन्होंने अपनी गलतियों को समझा और अपनी तैयारी की रणनीति में बदलाव किया। वह जानते थे कि सफलता पाने के लिए निरंतर सुधार और दृढ़ संकल्प आवश्यक है।

आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से मोइन अपने सपनों को पूरा करने के लिए दिल्ली आ गए। यहां उन्होंने एक साइबर कैफे में नौकरी शुरू की, ताकि अपनी पढ़ाई का खर्च खुद उठा सकें। काम करने के बाद भी वह रोज 7 से 8 घंटे पढ़ाई करते थे। उन्होंने समय का सही इस्तेमाल किया और पूरी लगन से अपनी तैयारी जारी रखी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

दिल्ली में संघर्ष और सफलता की तैयारी की रणनीति

मोइन अहमद ने दिल्ली में रहकर अपनी तैयारी की रणनीति को और मजबूत किया। उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद किताबों और इंटरनेट का भरपूर उपयोग किया। उनकी तैयारी की रणनीति में स्वयं अध्ययन, नोट्स बनाना और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को हल करना शामिल था। वह जानते थे कि उनकी आर्थिक स्थिति उन्हें महंगे कोचिंग में जाने की अनुमति नहीं देती, इसलिए उन्होंने अपनी मेहनत और बुद्धिमत्ता पर भरोसा किया।

लगातार मेहनत और आत्मविश्वास का नतीजा साल 2022 में देखने को मिला। मोइन ने अपने चौथे प्रयास में UPSC परीक्षा पास कर ली। उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 296 हासिल की थी और अपने परिवार तथा गांव का नाम रोशन किया। यह उनकी अटूट लगन और संघर्ष का ही परिणाम था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। लेटेस्ट एजुकेशन और जॉब अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें

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