



India Census 2027: जीवन की किताब का नया अध्याय, जिसमें हर घर की कहानी दर्ज होगी। 2027 की जनगणना, सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि देश के भविष्य का खाका खींचने वाली वो तस्वीर है, जिसकी पहली कूची अप्रैल 2026 में उठाई जाएगी। यह विशाल अभ्यास दो चरणों में पूरा होगा, जिसमें देश के हर कोने, हर परिवार तक सरकारी टीमें पहुंचेंगी और सटीक जानकारी जुटाएंगी।
India Census 2027: अप्रैल 2026 से शुरू होगी प्रक्रिया
भारत की सबसे बड़ी प्रशासनिक कवायदों में से एक, जनगणना 2027 का विस्तृत कार्यक्रम सामने आ गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय ने इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य के लिए खाका तैयार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, जनगणना की यह जनगणना प्रक्रिया अप्रैल 2026 से शुरू हो जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पहले चरण में ‘स्व-गणना’ यानी लोगों को खुद से फॉर्म भरने का अवसर मिलेगा, जिसके बाद मई 2026 में घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में हर घर से जुड़े 33 महत्वपूर्ण सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें घर की स्थिति, परिवार के सदस्यों की संख्या और उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित जानकारी शामिल होगी।
यह जनगणना देश की बदलती तस्वीर को समझने, विकास योजनाओं को आकार देने और संसाधनों के न्यायसंगत वितरण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार इससे मिली जानकारी का उपयोग विभिन्न नीतियों और कार्यक्रमों को डिजाइन करने में करेगी, जिससे समाज के हर वर्ग को लाभ मिल सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
क्या होंगे जनगणना के 33 सवाल?
जनगणना टीम जब मई 2026 में आपके दरवाजे पर दस्तक देगी, तो वे आपके घर और परिवार से संबंधित 33 सवालों की सूची के साथ आएंगे। इन सवालों का मुख्य उद्देश्य देश के सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय ढांचे की एक स्पष्ट तस्वीर प्राप्त करना है। इसमें आवास की स्थिति, परिवार के मुखिया का नाम, सदस्यों की संख्या, लिंग, आयु, शिक्षा का स्तर, व्यवसाय, धर्म, अनुसूचित जाति/जनजाति से संबंधित जानकारी, और घर में उपलब्ध बिजली, पानी, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े प्रश्न शामिल होंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यह आंकड़े केवल संख्याओं का संग्रह नहीं हैं, बल्कि ये सरकार को यह समझने में मदद करेंगे कि देश के किस हिस्से को किस प्रकार के विकास की आवश्यकता है। उदाहरण के लिए, शिक्षा के स्तर के आंकड़े साक्षरता दर में सुधार के लिए नीतियां बनाने में मदद करेंगे, जबकि आवास और सुविधाओं से जुड़े डेटा शहरी और ग्रामीण विकास योजनाओं के लिए आधार प्रदान करेंगे। जनगणना प्रक्रिया की सफलता प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करती है, क्योंकि आपके द्वारा दी गई सटीक जानकारी ही एक मजबूत और समावेशी भारत के निर्माण में सहायक होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।






