



Madhubani Robbery: जैसे रात का सन्नाटा गहराता है, वैसे ही कुछ घरों के लिए अनहोनी का ख़तरा भी बढ़ जाता है। मधुबनी का गजहरा गांव भी ऐसी ही एक भयावह रात का गवाह बना, जहां खाकी का खौफ बेअसर दिखा और अपराधियों ने जमकर तांडव मचाया।
आधी रात को टूटा कहर, परिवार को बनाया बंधक
बिहार के मधुबनी जिले के लदनिया थाना क्षेत्र स्थित गजहरा गांव में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. दयाकांत झा के घर पर डकैतों ने धावा बोल दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, देर रात 1 से 2 बजे के बीच करीब 24-25 की संख्या में आए नकाबपोश अपराधी मुख्य दरवाजे का ताला तोड़कर घर के अंदर दाखिल हो गए।
जिस वक्त अपराधी घर में घुसे, उस समय पूरा परिवार गहरी नींद में था। डकैतों ने बिना कोई मौका दिए सभी सदस्यों को हथियारों के बल पर बंधक बना लिया। उन्होंने परिवार को धमकाते हुए अलमारी, लॉकर और बक्सों की चाबियां छीन लीं। जब परिजनों ने इसका विरोध करने की कोशिश की, तो उनके साथ मारपीट भी की गई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। लगभग एक घंटे तक घर में उत्पात मचाने के बाद, अपराधी लाखों रुपये के सोने-चांदी के कीमती आभूषण, नकदी और जमीन से जुड़े महत्वपूर्ण कागजात समेटकर फरार हो गए।
पुलिस ने की घेराबंदी, नेपाल भागे अपराधी
घटना की जानकारी मिलते ही लदनिया थाने की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने अपराधियों का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन सीमावर्ती इलाका होने का फायदा उठाते हुए सभी डकैत नेपाल की सीमा में भागने में सफल रहे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। मामले की सूचना मिलते ही जयनगर के एसडीपीओ राघव दयाल घटनास्थल पर पहुंचे और जांच शुरू की।
शुक्रवार को मधुबनी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) योगेंद्र कुमार ने भी मौके का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Madhubani Robbery की जांच के लिए SIT गठित
एसपी योगेंद्र कुमार ने मीडिया को बताया कि प्रारंभिक जांच में यह किसी पेशेवर गिरोह का काम लग रहा है। उन्होंने कहा, “प्रथम दृष्टया यह घटना किसी नेपाली आपराधिक गिरोह द्वारा अंजाम दी गई लगती है। कुछ संदिग्धों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।”
मामले के जल्द खुलासे के लिए जयनगर के एसडीपीओ राघव दयाल के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का भी गठन कर दिया गया है। पुलिस का मानना है कि इस वारदात को अंजाम देने वाला नेपाली गिरोह जल्द ही कानून की गिरफ्त में होगा। शुक्रवार की सुबह डॉग स्क्वाड और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर बारीकी से जांच की और कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। पुलिस अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया है कि वे जल्द ही इस घटना का खुलासा कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।






