



Eighth Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ी खबर है। सातवें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त होने के बाद, लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की निगाहें अब आठवें वेतन आयोग पर टिकी हैं। सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वेतन, भत्तों और पेंशन से संबंधित मुद्दों पर हितधारकों से सुझाव मांगने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे जल्द ही नए वेतनमान लागू होने की उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं।
आठवें वेतन आयोग पर बड़ा अपडेट: केंद्रीय कर्मचारियों की बढ़ेगी सैलरी, सरकार ने शुरू की परामर्श प्रक्रिया!
करीब 48 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और 68 लाख से ज्यादा पेंशनधारियों को बेसब्री से इंतजार है कि उनके बैंक खातों में जल्द ही बढ़ी हुई सैलरी दिखाई दे। इस बीच, केंद्र सरकार ने वेतन, पेंशन और भत्तों से जुड़े मुद्दों पर कर्मचारियों और संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे हैं। इस परामर्श प्रक्रिया का उद्देश्य आयोग की सिफारिशों को अंतिम रूप देने में मदद करना है, जो आगामी वेतनमानों का आधार बनेगा।
Eighth Pay Commission की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
सरकार के इस कदम ने कर्मचारियों के बीच एक नई उम्मीद जगा दी है। वर्ष 2025 के जनवरी महीने में पहली बार आठवें वेतन आयोग के गठन की घोषणा की गई थी। इसके बाद, 3 नवंबर 2025 को इसकी औपचारिक अधिसूचना जारी की गई और टर्म्स ऑफ रेफरेंस को भी मंजूरी दी गई। यह जानकारी केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में दी थी। आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार कर सरकार को सौंपने के लिए कुल 18 महीने का समय दिया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
आयोग से उम्मीद है कि वह महंगाई के मौजूदा रुझानों, वर्तमान वेतन संरचना, फिटमेंट फैक्टर और पेंशन संशोधन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर गहराई से विचार करेगा। इन मुद्दों पर आयोग की सिफारिशें ही भविष्य में केंद्रीय कर्मचारियों के वित्तीय लाभों को तय करेंगी।
परामर्श प्रक्रिया और आगे की राह
सरकार ने आठवें वेतन आयोग के लिए एक आधिकारिक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म/वेबसाइट भी लॉन्च की है। इस डिजिटल मंच पर विभिन्न मंत्रालयों और विभागों, केंद्रीय कर्मचारियों के प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों से बहुमूल्य सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य परामर्श प्रक्रिया में अधिकतम पारदर्शिता लाना और सभी संबंधित पक्षों की राय को शामिल करना है। इससे वेतन संरचना, फिटमेंट फैक्टर, भत्तों और पेंशन सुधार जैसे संवेदनशील मुद्दों पर एक व्यापक सहमति बन पाएगी।
वर्तमान में, आयोग सुझाव एकत्र करने और प्रारंभिक अध्ययन करने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है। यदि आयोग निर्धारित समयसीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपता है, तो लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों को वेतन और पेंशन में पर्याप्त वृद्धि का लाभ मिल सकता है। सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आयोग अपनी सिफारिशें कब तक प्रस्तुत करता है और सरकार उन्हें कब से लागू करने का निर्णय लेती है। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
प्रमुख बिंदु:
- कर्मचारी और पेंशनर: लगभग 48 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 68 लाख से अधिक पेंशनर आठवें वेतन आयोग का इंतजार कर रहे हैं।
- कार्यकाल समाप्त: सातवें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को पूरा हो चुका है।
- गठन की घोषणा: जनवरी 2025 में हुई, औपचारिक अधिसूचना 3 नवंबर 2025 को जारी।
- समयसीमा: आयोग को अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है।
- विचारणीय विषय: महंगाई, वेतन संरचना, फिटमेंट फैक्टर और पेंशन संशोधन।
- परामर्श प्लेटफॉर्म: सुझावों के लिए आधिकारिक ऑनलाइन वेबसाइट शुरू की गई है।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है कि वेतन आयोग की सिफारिशें सभी के लिए न्यायसंगत और स्वीकार्य हों, और केंद्रीय कर्मचारियों को उनकी सेवाओं के लिए उचित प्रतिफल मिल सके।



