



UGC Guideline: दरभंगा की सड़कों पर छात्रों का सैलाब उमड़ पड़ा, जब एक गाइडलाइन को लागू करने की मांग ने ऐसा तूल पकड़ा कि प्रशासन के भी कान खड़े हो गए। संयुक्त छात्र-युवा संघर्ष मोर्चा के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र और युवा डीएमसीएच इमरजेंसी वार्ड से कर्पूरी चौक तक जुलूस की शक्ल में पहुंचे और अपनी आवाज बुलंद की।
UGC Guideline को लागू करने की मांग ने पकड़ा तूल
कर्पूरी चौक पर पहुंचकर यह जुलूस एक नुक्कड़ सभा में बदल गया, जहां छात्र नेताओं ने यूजीसी गाइडलाइन के समर्थन में जमकर नारे लगाए। प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं की एक सूत्रीय मांग शैक्षणिक संस्थानों में समानता, सम्मान और सुरक्षा को पूरी तरह से सुनिश्चित करना था। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व इंकलाबी नौजवान सभा के जिला सचिव अमित पासवान, अध्यक्ष ओणम सिंह, महानगर सचिव इंद्रजीत राम, विशाल यादव और कमरे आलम सहित कई अन्य छात्र-युवा नेता कर रहे थे। सभा का संचालन छात्र राजद के प्रदेश सचिव नागमणि ने किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सभा को संबोधित करते हुए इंकलाबी नौजवान सभा, बिहार के उपाध्यक्ष संदीप कुमार चौधरी ने कहा कि यह गाइडलाइन किसी एक जाति, समुदाय या वर्ग के पक्ष या विपक्ष में नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उन सभी तत्वों के खिलाफ है जो जाति, लिंग, रंग या धर्म के आधार पर किसी भी प्रकार के शोषण, भेदभाव और उत्पीड़न को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने आगे कहा कि यूजीसी गाइडलाइन का मूल उद्देश्य सभी शैक्षणिक संस्थान में एक समान, सम्मानजनक और सुरक्षित माहौल बनाना है, ताकि हर छात्र-छात्रा बिना किसी डर के अपनी पढ़ाई पूरी कर सके।
नेताओं ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
सभा में मौजूद माले नेता देवेंद्र साह और आरवाईए के महानगर सचिव इंद्रजीत कुमार विक्की ने कहा कि इस गाइडलाइन से विशेष रूप से एससी, एसटी, ओबीसी के साथ-साथ सभी वर्गों के दिव्यांगजन, महिलाओं और थर्ड जेंडर को भी सीधा लाभ मिलेगा। यह भेदभाव और उत्पीड़न के मामलों में एक स्पष्ट और पारदर्शी व्यवस्था प्रदान करती है, जिससे पीड़ितों को न्याय मिलना सुनिश्चित हो सकेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। छात्र नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि इस गाइडलाइन के माध्यम से परिसरों में व्याप्त असमानता के खिलाफ एक मजबूत ढांचा तैयार किया गया है, और इसे कमजोर करने का कोई भी प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण होगा।
इंकलाबी नौजवान सभा के जिला अध्यक्ष ओणम सिंह और जिला सचिव अमित पासवान ने कहा कि यूजीसी गाइडलाइन पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक पर पुनर्विचार होना चाहिए, क्योंकि यह समाज के हाशिए पर मौजूद वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। छात्र राजद के सचिव नागमणि ने केंद्र सरकार से इस गाइडलाइन को अविलंब लागू करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि इसे कमजोर करने की कोशिशें जारी रहीं, तो छात्र-युवा आंदोलन को और तेज किया जाएगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। सभा के अंत में सभी ने एकजुट होकर शिक्षा संस्थानों को भेदभावमुक्त बनाने के संघर्ष को जारी रखने का संकल्प लिया। इस मौके पर केशरी यादव, दिनेश यादव, पप्पू कुमार, कौशल कुमार राम, सुजीत पासवान, रंजन कुमार सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।





