



राजेंद्र लोढ़ा ईडी गिरफ्तारी: मुंबई की चकाचौंध भरी रियल एस्टेट दुनिया में एक बार फिर भ्रष्टाचार का काला साया गहराया है, जहां एक नामी बिल्डर पर लगे आरोप वित्तीय अनियमितताओं के दलदल को उजागर कर रहे हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लोढ़ा डेवलपर्स के पूर्व निदेशक राजेंद्र लोढ़ा को 85 करोड़ रुपये के कथित घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई देश की अग्रणी रियल एस्टेट कंपनियों में से एक लोढ़ा डेवलपर्स की शिकायत के आधार पर की गई है। कंपनी ने पिछले साल बड़े वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी वाले लेन-देन की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
जांच अधिकारियों के अनुसार, राजेंद्र लोढ़ा और कई अन्य व्यक्तियों पर जटिल वित्तीय लेन-देन की एक श्रृंखला के माध्यम से कंपनी से बड़ी मात्रा में धन की हेराफेरी करने का आरोप है। यह मामला सितंबर 2025 में तब सामने आया जब लोढ़ा डेवलपर्स ने राजेंद्र लोढ़ा और अन्य के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज की, जिसके बाद मुंबई क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल ने जांच शुरू की। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इसके बाद, राजेंद्र लोढ़ा और कई सह-आरोपियों को धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश के संदेह में गिरफ्तार किया गया था। जांचकर्ताओं ने तब से नकदी और सोने दोनों से जुड़े कथित गबन के कई मामले उजागर किए हैं, जो रियल एस्टेट धोखाधड़ी के गंभीर स्वरूप को दर्शाता है।
जांच से पता चला है कि राजेंद्र लोढ़ा पर फर्जी भूमि अधिग्रहण, पहले से खरीदी गई जमीनों की पुनर्विक्रय और कंपनी की संपत्तियों के अवमूल्यन के माध्यम से कंपनी के धन को डायवर्ट करने की साजिश रचने का आरोप है। सबूत यह भी बताते हैं कि भूमि सौदों की आड़ में बड़े पैमाने पर नकद लेनदेन किए गए, जिसके परिणामस्वरूप लोढ़ा डेवलपर्स को भारी वित्तीय नुकसान हुआ। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
ईडी की कार्रवाई और आगे की जांच
यह गिरफ्तारी एक ऐसे समय में हुई है जब रियल एस्टेट सेक्टर में वित्तीय पारदर्शिता को लेकर सरकार लगातार सख्त कदम उठा रही है। ईडी की इस कार्रवाई से उन सभी लोगों को एक कड़ा संदेश गया है जो इस तरह की वित्तीय अनियमितताओं में संलिप्त हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, ईडी आगे भी कई और गिरफ्तारियां कर सकती है। इस बड़े रियल एस्टेट धोखाधड़ी मामले में कई और बड़े नामों के सामने आने की संभावना है। प्रवर्तन निदेशालय का कहना है कि वे इस मामले से जुड़े हर पहलू की गहनता से जांच करेंगे और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। यह सिर्फ एक कंपनी का मामला नहीं, बल्कि पूरे रियल एस्टेट सेक्टर में व्याप्त संभावित भ्रष्टाचार की परतें खोलने वाला हो सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



