



Kusheshwar Asthan News: जैसे बिल्ली के गले में घंटी कौन बांधे, ठीक वैसे ही सरकारी व्यवस्था की लापरवाही पर लगाम कौन लगाए? कुशेश्वरस्थान में तो स्वास्थ्य का मंदिर ही लोगों की सांसों का दुश्मन बन बैठा है, जहां जीवन देने वाली दवाएं ही जलकर जहर उगल रही हैं।
Kusheshwar Asthan News: बिहार के कुशेश्वरस्थान पूर्वी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नियमों को ताक पर रखकर अस्पताल के कचरे और एक्सपायर्ड दवाइयों को खुले में जलाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस लापरवाही के कारण न केवल आसपास के इलाके में जहरीला धुआं फैल गया, बल्कि दवाइयों में आग लगने के बाद हुए एक जोरदार विस्फोट में एक राहगीर भी घायल हो गया। इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है और लोग अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ गुस्से में हैं।
जानकारी के मुताबिक, अस्पताल से निकले जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट (बायो-मेडिकल वेस्ट) और पुरानी हो चुकी दवाइयों के विशाल ढेर को बिना किसी सुरक्षा उपाय के एक जगह इकट्ठा कर आग के हवाले कर दिया गया। देखते ही देखते इलाके में काला और जहरीला धुआं भर गया, जिससे लोगों को सांस लेना तक दूभर हो गया। कई स्थानीय निवासियों ने आंखों में जलन, तेज खांसी और घबराहट की शिकायत की है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Kusheshwar Asthan News: नियमों की उड़ी धज्जियां, खुले में जला दिया मेडिकल कचरा
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन लंबे समय से बायो-मेडिकल वेस्ट के निस्तारण में लापरवाही बरत रहा है। सरकारी नियमों के अनुसार, अस्पतालों से निकलने वाले इस तरह के कचरे को एक विशेष प्रक्रिया के तहत सुरक्षित तरीके से नष्ट किया जाना चाहिए, जिसके लिए विशेष मशीनें होती हैं। लेकिन यहां तो सारे नियम-कानून हवा में उड़ा दिए गए। इसी लापरवाही का नतीजा था कि जब दवाइयों के ढेर में आग लगाई गई, तो उसमें अचानक एक तेज धमाका हुआ। इस विस्फोट की चपेट में आकर पास से गुजर रहा एक व्यक्ति घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।
इस घटना ने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि यह कोई पहली बार नहीं है, लेकिन इस बार मामला जान पर बन आया है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। लोगों में यह डर भी है कि अगर इस तरह की लापरवाही पर रोक नहीं लगी, तो भविष्य में कोई बड़ी और दुखद दुर्घटना हो सकती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अधिकारी का गोलमोल जवाब, कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति
जब इस पूरे मामले पर चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शोहराब से बात की गई तो उन्होंने बेहद ही गैर-जिम्मेदाराना जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यह कचरा किसी मजदूर द्वारा फेंका गया था और किसी अनजान व्यक्ति ने उसमें आग लगा दी, जिसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी।
हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि उस मजदूर को काम से हटा दिया गया है। लेकिन उनका यह जवाब लोगों के गले नहीं उतर रहा है। सवाल यह है कि अस्पताल परिसर से इतना खतरनाक कचरा बाहर कैसे गया और अगर गया भी तो उसे खुले में क्यों फेंका गया? आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। फिलहाल, स्थानीय नागरिक इस मामले में उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में लोगों की जिंदगी से ऐसा खिलवाड़ दोबारा न हो।






