



Mahashivratri 2024: जैसे बारात के स्वागत के लिए दुल्हन का घर सजता है, वैसे ही बाबा कुशेश्वर की नगरी शिव-विवाह के लिए तैयार हो रही है। महाशिवरात्रि महोत्सव को लेकर कुशेश्वरस्थान पूर्वी स्थित बाबा कुशेश्वरनाथ महादेव मंदिर को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है।
Mahashivratri 2024 पर मंदिर की भव्य सजावट
पूरा मंदिर परिसर रंग-बिरंगे फूलों और बिजली की लड़ियों से जगमगा रहा है। मौका है शिव-पार्वती विवाह महोत्सव का, जिसके लिए मंदिर को एक विशेष रूप दिया जा रहा है। मंदिर न्यास समिति के सदस्य और कारीगर दिन-रात इस काम में जुटे हैं ताकि शिवरात्रि पर यहां आने वाले श्रद्धालुओं को एक दिव्य और अलौकिक अनुभव प्राप्त हो। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सजावट का कार्य लगभग अंतिम चरण में है और मंदिर की छटा देखते ही बन रही है।
प्रशासन ने कसी कमर, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
महाशिवरात्रि मेले में उमड़ने वाली संभावित भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। शुक्रवार को अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) सह समिति के अध्यक्ष शशांक राज और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) प्रभाकर तिवारी ने मंदिर परिसर और शिवगंगा घाट पर चल रही तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने काम में लगे कर्मचारियों और अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करने के लिए कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस शिव पार्वती विवाह के अवसर पर किसी भी तरह की चूक न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार, मंदिर परिसर, शिवगंगा घाट और वहां तक पहुंचने वाले निर्धारित मार्गों पर बैरिकेडिंग का काम तेजी से चल रहा है। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की जा रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस दौरान मौके पर अंचलाधिकारी गोपाल पासवान और थानाध्यक्ष गौरव प्रसाद भी मौजूद थे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था, जानें क्या हैं नए नियम
श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए इस बार कुछ विशेष बदलाव किए गए हैं। शिवगंगा में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं के लिए मुख्य रास्ते के अलावा उच्च विद्यालय के पास से एक वैकल्पिक मार्ग की भी व्यवस्था की गई है, ताकि घाट पर भीड़ का दबाव कम हो सके। मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं की निकासी के लिए पश्चिमी द्वार को निर्धारित किया गया है। यह सारी कवायद इसलिए की जा रही है ताकि भक्त शांतिपूर्ण तरीके से बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक और दर्शन कर सकें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





