



Ugranath Mahotsav: मिथिला की धरती एक बार फिर अपनी सांस्कृतिक विरासत की रोशनी से जगमगाने को तैयार है, जहां कला और आध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार एवं जिला प्रशासन, मधुबनी के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 14 फरवरी 2026 से 16 फरवरी 2026 तक श्री श्री 108 उग्रनाथ स्थान, भवानीपुर, प्रखंड-पंडौल के प्रांगण में इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
महोत्सव का आगाज होगा शंखनाद और मैथिली गीतों से
महोत्सव का भव्य शुभारंभ 14 फरवरी को संध्या 5 बजे किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत सुप्रसिद्ध शंख वादक बिपिन मिश्रा के शंखनाद से होगी, जो पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देगा। इसके बाद मंच पर सुरों का जादू बिखेरने के लिए प्रसिद्ध मैथिली गायक कुंज बिहारी मिश्रा, शिवानी झा एवं सुर संग्राम फेम सौम्या मिश्रा अपनी शानदार प्रस्तुति देंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम में सृष्टि ओडिसी नृत्य समूह द्वारा ओडिसी नृत्य एवं शोज टॉपर ग्रुप द्वारा लोक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति भी दी जाएगी।
Ugranath Mahotsav के दूसरे दिन भी दिखेगी लोक कला की छटा
महोत्सव के दूसरे दिन, यानी 15 फरवरी को भी कला और संगीत का यह संगम अनवरत जारी रहेगा। इस दिन प्रसिद्ध मैथिली गायक अरविंद सिंह, बर्षा झा, सुरुचि मोहन ठाकुर, मोहन कुमार, राम कृष्ण झा, शिवम मिश्रा और विवेक वैरागी अपनी सुमधुर आवाज से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। यह पूरा सांस्कृतिक कार्यक्रम दर्शकों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव होगा। इसी दिन, सलोनी मल्लिक द्वारा कथक नृत्य और लोक कला रंग समूह द्वारा समूह लोक नृत्य की प्रस्तुति भी कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण होगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
समापन समारोह भी रहेगा भव्य और यादगार
कार्यक्रम का समापन 16 फरवरी को होगा, जिसमें कई और प्रतिभाशाली कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। इस दिन स्वरागिनि, ज्योति प्रिया, रानी झा, चंदन कुमार, तन्मय और सचिन कुमार झा अपने सुरों से महोत्सव का शानदार समापन करेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके अलावा, नृत्यार्पण कलाश्रम द्वारा समूह कथक नृत्य तथा प्रसिद्ध ‘कोणार्क’ नाटक का मंचन भी किया जाएगा, जो इस तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम को एक भव्य समापन देगा।
यह महोत्सव न केवल मनोरंजन का एक बड़ा मंच है, बल्कि यह मिथिला की समृद्ध कला और संस्कृति को संरक्षित और प्रोत्साहित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास भी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जिला प्रशासन ने क्षेत्र के लोगों से बड़ी संख्या में इस आयोजन में शामिल होकर इसकी शोभा बढ़ाने की अपील की है।



