



PM SHRI Scheme: किताबी ज्ञान की चारदीवारी से निकलकर जब छात्र हकीकत की जमीन पर कदम रखते हैं, तो सीखने का एक नया अध्याय शुरू होता है। दरभंगा में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां पीएम श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय, पचाढ़ी के छात्रों ने ‘बैगलेस डे’ के अवसर पर मखाना अनुसंधान की दुनिया में गोता लगाया। विद्यालय द्वारा आयोजित तीन दिवसीय शैक्षणिक परिभ्रमण कार्यक्रम 10 फरवरी से 12 फरवरी 2024 तक सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें छात्रों को राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र, दरभंगा ले जाया गया।
PM SHRI Scheme के तहत क्या था कार्यक्रम का उद्देश्य
इस पूरे कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को स्थानीय संसाधनों, कृषि-आधारित अनुसंधान एवं वैज्ञानिक प्रक्रियाओं से प्रत्यक्ष रूप से अवगत कराना था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। तीन दिनों तक चले इस आयोजन में प्रतिदिन दो बसों के माध्यम से लगभग 80 विद्यार्थी अनुसंधान केंद्र पहुंचे। इस प्रकार, कुल मिलाकर लगभग 250 विद्यार्थियों ने इस ज्ञानवर्धक योजना का लाभ उठाया।

यह परिभ्रमण विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक और जानकारीपूर्ण साबित हुआ। उन्होंने विशेषज्ञों से मखाना की खेती की बारीकियों, इसके प्रसंस्करण के विभिन्न चरणों, पोषण से जुड़े महत्व और इसके आर्थिक पक्षों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
शिक्षकों के संरक्षण में छात्रों ने सीखा व्यावहारिक ज्ञान
विद्यार्थियों के इस शैक्षणिक दौरे को सफल बनाने में विद्यालय के प्राचार्य डॉ. चंद्र सेन की सक्रिय भूमिका रही। वे स्वयं संरक्षक के रूप में छात्रों के साथ मौजूद रहे। उनके मार्गदर्शन में विद्यालय के शिक्षकों की एक पूरी टीम ने इस कार्यक्रम को सफल बनाया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस टीम में विद्यालय के ओ.एस. श्री जानकी वल्लभ झा, लैब अटेंडेंट श्री हरिराम झा, टीजीटी उर्दू श्री आफताब आलम, काउंसलर श्री रवि यादव, टीजीटी अंग्रेजी श्रीमती आलम आरा, लाइब्रेरियन श्री सी. बी. यादव, टीजीटी हिंदी श्री भागवत प्रसाद, टीजीटी गणित श्री रघुनाथ मंडल, और पीजीटी अर्थशास्त्र श्रीमती नीलम शर्मा शामिल थे। इन सभी ने छात्रों के साथ रहकर इस व्यावहारिक ज्ञानवर्धन कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
दरभंगा की पहचान है मखाना
यह उल्लेखनीय है कि मखाना, जिसे ‘ब्लैक डायमंड’ भी कहा जाता है, दरभंगा और मिथिलांचल की एक विशिष्ट पहचान है। यहां होने वाला मखाना अनुसंधान देश-विदेश में प्रसिद्ध है। इस दौरे से छात्रों को अपनी स्थानीय विरासत और उसकी वैज्ञानिक महत्ता को समझने का एक अनूठा अवसर मिला। यह तीन दिवसीय ‘बैगलेस डे’ गतिविधि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सफल पहल सिद्ध हुई।





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