



Matric Exam को लेकर प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था
Matric Exam: बिहार की परीक्षा वाली भट्टी एक बार फिर तपकर तैयार है, जहां हजारों छात्रों के भविष्य की इबारत लिखी जानी है। इसी कड़ी में जमुई जिला प्रशासन ने आगामी मैट्रिक परीक्षा 2026 के सफल और शांतिपूर्ण संचालन के लिए अपनी कमर कस ली है। समाहरणालय के सभा कक्ष में जिलाधिकारी श्री नवीन और पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने संयुक्त रूप से एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस महत्वपूर्ण बैठक में सभी केन्द्राधीक्षकों, दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को परीक्षा को कदाचार मुक्त संपन्न कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष जमुई जिले में कुल 36 परीक्षा केंद्रों पर 27,166 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल होंगे। प्रशासन का एकमात्र लक्ष्य है कि परीक्षा पूरी पारदर्शिता और शांति के साथ संपन्न हो। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि परीक्षा के सफल संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
परीक्षार्थियों के लिए महत्वपूर्ण नियम और समय-सीमा
इस वर्ष Matric Exam में समय को लेकर विशेष सख्ती बरती जाएगी। दोनों पालियों की परीक्षा के लिए परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र में परीक्षा शुरू होने से ठीक 30 मिनट पहले तक ही प्रवेश की अनुमति होगी।
- प्रथम पाली: सुबह 09:30 बजे से शुरू होगी, परीक्षार्थियों को 09:00 बजे तक प्रवेश कर लेना होगा।
- द्वितीय पाली: दोपहर 02:00 बजे से शुरू होगी, जिसके लिए प्रवेश का अंतिम समय 01:30 बजे है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी परिस्थिति में देर से आने वाले परीक्षार्थियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, पटना द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार दिव्यांग परीक्षार्थियों के लिए भी उचित सुविधाएं सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है। प्रत्येक बेंच पर अधिकतम दो परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी ताकि नकल की कोई गुंजाइश न रहे।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, चप्पे-चप्पे पर रहेगी नजर
परीक्षा को शांतिपूर्ण और भयमुक्त माहौल में संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। केंद्र के बाहर और आसपास विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंडाधिकारियों के साथ पुलिस पदाधिकारियों को भी नियुक्त किया गया है।
शिक्षकों के लिए भी नियम कड़े किए गए हैं। परीक्षा के दौरान किसी भी शिक्षक को मोबाइल फोन रखने की अनुमति नहीं होगी और वे अपने निर्धारित स्थान से अनावश्यक भ्रमण नहीं कर सकेंगे। प्रशासन की यह तैयारी सुनिश्चित करेगी कि परीक्षा की पवित्रता बनी रहे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां यहां क्लिक करें। इस अहम बैठक में डीडीसी सुभाष चन्द्र मंडल, एडीएम रविकांत सिंहा, एसडीएम सौरव कुमार, एसडीपीओ सतीश सुमन, और जिला शिक्षा पदाधिकारी दया शंकर समेत कई अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।



