



Bihar Land Registry: बिहार में जमीन खरीदने का सपना संजोए बैठे लोगों को अब अपनी जेब और ढीली करनी पड़ सकती है। क्योंकि राज्य में भूमि निबंधन विभाग मिनिमम वैल्यू रजिस्टर (MVR) में वृद्धि की तैयारी में है, जिसका सीधा असर रजिस्ट्री की लागत पर पड़ेगा।
बिहार लैंड रजिस्ट्री: मार्च के बाद जमीन खरीदना होगा महंगा, सरकार बढ़ाएगी MVR दरें
क्यों बढ़ रही है बिहार लैंड रजिस्ट्री की लागत?
बिहार में भू-संपत्ति खरीदने की चाहत रखने वालों के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य का भू-निबंधन विभाग मिनिमम वैल्यू रजिस्टर (MVR) की दरों में इजाफा करने की तैयारी में जुट गया है, जिससे मार्च महीने के बाद जमीन की रजिस्ट्री कराना महंगा हो जाएगा। यह कदम राज्य के राजस्व संग्रह को बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
दरअसल, भू-निबंधन विभाग हर साल बाजार दरों की समीक्षा करता है और उसी के आधार पर एमवीआर दरों में संशोधन किया जाता है। पिछले कुछ समय से बाजार में जमीन की कीमतों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है, लेकिन एमवीआर दरों में उस अनुपात में बदलाव नहीं हुआ था। इसी असंतुलन को दूर करने और वास्तविक बाजार मूल्य के करीब लाने के लिए एमवीआर बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
एमवीआर वह न्यूनतम मूल्य होता है जिस पर किसी भी संपत्ति का निबंधन किया जा सकता है। इससे कम मूल्य पर रजिस्ट्री संभव नहीं होती है। एमवीआर बढ़ने का सीधा मतलब है कि आपको जमीन या मकान खरीदते समय अधिक स्टांप शुल्क और निबंधन शुल्क देना होगा। यह निर्णय शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों की संपत्तियों पर लागू होगा, जिससे पूरे राज्य में जमीन की खरीद-फरोख्त प्रभावित होगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
अधिकारियों के मुताबिक, नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत से पहले यह बढ़ोतरी लागू करने की योजना है। आम तौर पर मार्च के अंत तक नई दरें अधिसूचित कर दी जाती हैं। इस कदम से राज्य सरकार को अतिरिक्त राजस्व मिलने की उम्मीद है, जिसका उपयोग विभिन्न विकास परियोजनाओं में किया जा सकता है।
कितना बढ़ सकता है रजिस्ट्री शुल्क?
हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि रजिस्ट्री शुल्क में कितने प्रतिशत की वृद्धि होगी। विभाग के सूत्रों के अनुसार, विभिन्न अंचलों में जमीनों की स्थिति और बाजार मूल्य के आधार पर अलग-अलग बढ़ोतरी हो सकती है। यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यह बढ़ोतरी 5 से 15 प्रतिशत तक हो सकती है, जो शहरी इलाकों में ज्यादा होने की संभावना है। संपत्ति खरीदने की योजना बना रहे लोगों को सलाह दी जाती है कि वे नई दरों को लागू होने से पहले अपनी रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि उन्हें बढ़े हुए रजिस्ट्री शुल्क का भुगतान न करना पड़े। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


