



T20 World Cup: क्रिकेट की दुनिया में आए दिन ऐसे मुकाबले देखने को मिलते हैं, जो बड़े उलटफेर से भरे होते हैं। हाल ही में, आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर एक बार फिर साबित कर दिया कि क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है।
T20 World Cup: जिम्बाब्वे के गुमनाम हीरो जिसने ऑस्ट्रेलिया को घुटनों पर ला दिया
T20 World Cup में जिम्बाब्वे की ऐतिहासिक जीत के सूत्रधार मुजरबानी
आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब जिम्बाब्वे ने मजबूत मानी जाने वाली ऑस्ट्रेलिया टीम को 23 रन से शिकस्त दी। इस रोमांचक क्रिकेट मैच में जिम्बाब्वे की जीत के असली शिल्पकार रहे उनके लंबे कद के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी, जिन्होंने अपनी रफ्तार और सटीक उछाल से ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को क्रीज पर टिकने का मौका ही नहीं दिया। 6 फीट 8 इंच लंबे मुजरबानी ने 4 ओवर में सिर्फ 17 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट झटके और पूरे मैच का रुख अपनी ओर मोड़ दिया। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ भी चुना गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मैदान पर आग उगलने वाले इस गेंदबाज की पढ़ाई-लिखाई कितनी है? आइए जानते हैं, आखिर कितने पढ़े-लिखे हैं जिम्बाब्वे के मुजरबानी, जिनकी वजह से ऑस्ट्रेलिया घुटनों पर आया।
ब्लेसिंग मुजरबानी का जन्म 2 अक्टूबर 1996 को जिम्बाब्वे की राजधानी हरारे में हुआ था। बचपन से ही उन्हें क्रिकेट के प्रति गहरा लगाव था। उन्होंने हरारे के ताकाशिंगा क्रिकेट क्लब से पेशेवर ट्रेनिंग ली, जहाँ उन्होंने अपनी तेज गेंदबाजी को और निखारा। उनकी असाधारण लंबाई ने उन्हें गेंदबाजी में एक अतिरिक्त लाभ दिया, जिससे उनकी गेंदें बल्लेबाजों के लिए मुश्किलें पैदा करती हुई अतिरिक्त उछाल लेती थीं।
मुजरबानी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जिम्बाब्वे में ही पूरी की। हालांकि, उनकी स्कूल या कॉलेज की डिग्री के बारे में सार्वजनिक रूप से अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसा माना जाता है कि उन्होंने स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद अपना पूरा ध्यान क्रिकेट पर केंद्रित कर दिया। कम उम्र में ही वे घरेलू क्रिकेट खेलने लगे थे, जिससे उनका मुख्य लक्ष्य एक पेशेवर क्रिकेट करियर बनाना बन गया।
मुजरबानी ने दिसंबर 2017 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट मैच से अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने जल्द ही वनडे और टी20 फॉर्मेट में भी अपनी जगह बनाई। धीरे-धीरे वे जिम्बाब्वे के गेंदबाजी आक्रमण के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी बन गए। उनकी खासियत तेज रफ्तार, लंबे स्पेल, अतिरिक्त उछाल और लगातार सही लाइन व लेंथ पर गेंदबाजी करना है। मुजरबानी को दुनिया भर की विभिन्न टी20 लीगों में खेलने का भी अवसर मिला। आईपीएल में उन्हें रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने लुंगी एनगिडी के स्थान पर टीम में शामिल किया था, हालांकि उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिल पाए। फिर भी, फ्रेंचाइजी क्रिकेट का यह अनुभव उनके लिए अत्यंत फायदेमंद साबित हुआ, और यही अनुभव ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप में काम आया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
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मुजरबानी की उपलब्धियां और भविष्य की राह
टी20 विश्व कप 2026 के इस ऐतिहासिक क्रिकेट मैच में, जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित ओवरों में 169 रन बनाए। जवाब में, ऑस्ट्रेलिया की टीम 146 रन पर ही ऑलआउट हो गई। मुजरबानी ने जोश इंगलिस, टिम डेविड, मैथ्यू रेनशॉ और एडम जाम्पा जैसे प्रमुख ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के विकेट लेकर मैच को पूरी तरह से जिम्बाब्वे की झोली में डाल दिया। यह जीत इसलिए भी बेहद खास रही क्योंकि टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया कभी भी जिम्बाब्वे को हरा नहीं पाया है। यह जीत न केवल जिम्बाब्वे क्रिकेट के लिए बल्कि दुनियाभर के उन युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा है, जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए जी-जान से मेहनत करते हैं। मुजरबानी जैसे खिलाड़ी यह दिखाते हैं कि प्रतिभा और समर्पण हो तो किसी भी बड़ी टीम को पटखनी दी जा सकती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



