



Patna News: बिहार में महिला शक्ति की नई सुबह, राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर जब सैकड़ों चेहरे नियुक्ति पत्र पाकर खिल उठे और हजारों के खातों में सीधे सरकारी मदद पहुंची। यह समारोह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राज्य में बदलते हुए उस दौर का प्रतीक था जहां आधी आबादी को अब सिर्फ सम्मान नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का अधिकार भी मिल रहा है।
Patna News: 253 अभ्यर्थियों के हाथों में नियुक्ति पत्र
राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, राज्य सरकार ने महिला एवं बाल विकास निगम के माध्यम से पटना के दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन अध्ययन संस्थान में एक भव्य समारोह आयोजित किया। इस कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग की सचिव, बन्दना प्रेयषी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं।

उन्होंने अपने हाथों से कुल 253 नवचयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे, जिसके बाद पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इन नियुक्तियों में राज्य बाल संरक्षण समिति के अंतर्गत 106 और महिला एवं बाल विकास निगम के अंतर्गत 147 पद शामिल हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। चयनित पदों में केस वर्कर, काउंसलर, पैरा लीगल, पैरा मेडिकल और डाटा एंट्री ऑपरेटर जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं।

इसके अलावा, कार्यक्रम में ‘आफ्टर केयर’ मार्गदर्शिका और एक कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया गया। सभी उपस्थित लोगों ने महिला सम्मान और सुरक्षा के प्रति सामूहिक शपथ भी ली। राज्य संरक्षण समिति के अंतर्गत दिए गए कुछ प्रमुख पदों का विवरण इस प्रकार है:
- लीगल कम प्रोवेशन पदाधिकारी – 4
- काउंसलर (डीसीपीयू) – 8
- सामाजिक कार्यकर्ता – 7
- आउटरीच वर्कर – 16
- प्रोवेशन पदाधिकारी/केस वर्कर – 13
- गृहपति/गृहमाता – 15
- पैरामेडिकल स्टाफ – 20
सिविल सेवा और कन्या सुरक्षा योजना से मिली आर्थिक ताकत
नियुक्तियों के साथ-साथ, सरकार ने वित्तीय सहायता देकर भी महिलाओं का मनोबल बढ़ाया। सिविल सेवा प्रोत्साहन राशि योजना के तहत, 71वीं बीपीएससी के लिए चयनित 755 महिला अभ्यर्थियों के बैंक खातों में सीधे डीबीटी के माध्यम से कुल 3 करोड़ 77 लाख 50 हजार रुपए की राशि हस्तांतरित की गई। यह कदम राज्य की प्रतिभाशाली महिलाओं को प्रशासनिक सेवाओं में आने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में एक मील का पत्थर है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सही मायनों में यह महिला सशक्तिकरण को जमीनी स्तर पर साकार करने जैसा है।
इसी क्रम में, मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना के तहत 11 कन्या लाभार्थियों को उनके बॉण्ड की परिपक्वता राशि का प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया गया। यह योजना कन्या भ्रूण हत्या रोकने और लिंगानुपात में सुधार के उद्देश्य से शुरू की गई थी, जिसके तहत अब 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुकीं लाभार्थियों को चरणबद्ध तरीके से राशि दी जा रही है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
अधिकारियों ने बताया महिला सशक्तिकरण का बड़ा कदम
समारोह को संबोधित करते हुए समाज कल्याण विभाग की सचिव बन्दना प्रेयषी ने कहा, “यह समारोह केवल रोजगार देने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह उस संवेदनशील सेवा तंत्र को मजबूत करने की एक महत्वपूर्ण पहल है, जो महिलाओं और बच्चों के लिए काम करता है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य हर जरूरतमंद महिला और बच्चे तक समय पर सहायता, संरक्षण और न्याय पहुंचाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि ये नवनियुक्त कर्मी जमीनी स्तर पर सेवा प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाएंगे। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग के अपर सचिव, निदेशक, यूटीआई और यूनिसेफ के प्रतिनिधियों सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अंत में, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत राज्य भर के जिलों में भी जागरूकता और सम्मान समारोह आयोजित किए गए।



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