



Assam News: असम की सियासी रणभूमि में इन दिनों बयानबाजी का तीर जमकर चलाया जा रहा है। सत्ता और विपक्ष एक-दूसरे पर हमला बोलने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे। इसी कड़ी में कांग्रेस ने राज्य सरकार को अपराध के मोर्चे पर घेरते हुए एक नया मोर्चा खोल दिया है।
असम समाचार: हिमंता सरकार पर गौरव गोगोई का करारा हमला, कहा- ‘सबसे असफल CM और गृह मंत्री’
असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर गुरुवार को बिस्वनाथ में जमकर हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री को राज्य का “सबसे असफल मुख्यमंत्री और गृह मंत्री” करार दिया। गोगोई ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि असम में पुलिस जानबूझकर दर्ज एफआईआर की संख्या कम कर रही है।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि जब कोई महिला अपनी शिकायत लेकर पुलिस स्टेशन जाती है, तो असम पुलिस उसकी एफआईआर दर्ज करने से कतराती है। उन्होंने अपनी बात को पुख्ता करते हुए बताया कि घोषणापत्र समिति के तौर पर हमने विभिन्न जिलों और आम जनता से जब बात की, तो वकीलों के संगठनों ने भी इस बात की पुष्टि की। पहले जहां 3000-4000 एफआईआर दर्ज होती थीं, अब यह आंकड़ा घटकर मात्र 300-400 रह गया है, जो बेहद चिंताजनक है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
असम समाचार: आंकड़ों की बाजीगरी या जमीनी हकीकत?
गोगोई ने आगे आरोप लगाया कि महिलाओं के खिलाफ और नशीली दवाओं से संबंधित असम में अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन इन मामलों को औपचारिक रूप से दर्ज नहीं किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया, “ऐसा क्यों हो रहा है?” कांग्रेस अध्यक्ष के अनुसार, मुख्यमंत्री केवल एफआईआर की संख्या कम करके यह दिखाना चाहते हैं कि राज्य में अपराध घट गया है, जबकि जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। इससे स्थानीय लोग, विशेषकर महिलाएं, न्याय से वंचित हो रही हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
आलोचकों की आवाज़ दबाने का आरोप
अपने हमले को और तेज़ करते हुए, कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री पर कानूनी कार्रवाई के ज़रिए आलोचकों को चुप कराने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया। गोगोई ने कहा, “क्या वह राजनेता नहीं हैं? क्या उन्हें जनता की अदालत पर भरोसा नहीं है? वह हमारी आवाज़ दबाने के लिए अदालत जाते हैं।” उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, “आप दो-तीन लोगों को चुप करा सकते हैं, लेकिन असम की जनता सच्चाई जानती है।” आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
गोगोई ने आगे स्पष्ट किया कि वह कानूनी लड़ाई के बजाय राजनीतिक लड़ाई को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को सीधे चुनौती दी, “अगर आप (मुख्यमंत्री) में राजनेता के तौर पर हिम्मत है, तो हमसे सीधे मुकाबला कीजिए।” उन्होंने अपने ऊपर पाकिस्तान से संबंध जोड़ने के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि वे भी मुकदमा कर सकते हैं, लेकिन वह ऐसा नहीं करना चाहते।
उन्होंने जोर देकर कहा, “मैं एक राजनेता हूं, और मुझे जनता की अंतरात्मा पर भरोसा है। मैं उनसे राजनीतिक रूप से, सड़क पर, लड़ना चाहता हूं, अदालत में नहीं।” गोगोई ने अंत में यह भी दोहराया कि असम की जनता सच्चाई से वाकिफ है और मुख्यमंत्री पर राजनीतिक विरोध से डरने का आरोप लगाया।


