



जमुई: विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025 के तहत विकास की गति को और तेज करने के उद्देश्य से समाहरणालय के सभा कक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में जिलाधिकारी श्री नवीन ने कलमकारों से ‘भ्रम बनाम तथ्य’ तथा ‘रोजगार से परिसंपत्ति तक’ जैसे विषयों पर विस्तृत वार्तालाप किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम: उद्देश्य और प्रावधान
श्री नवीन ने संवाद के प्रमुख उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025 के प्रावधानों, उद्देश्यों एवं वास्तविक तथ्यों की जानकारी कलमबाजों के माध्यम से आम जनता तक पहुंचाना है, ताकि योजनाओं से संबंधित किसी भी प्रकार के भ्रम को दूर किया जा सके। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम का मुख्य लक्ष्य एक खुशहाल, आत्मनिर्भर और मजबूत ग्रामीण भारत का निर्माण करना है। इसके तहत एम्पावरमेंट, ग्रोथ, कन्वर्जेन्स और सेचुरेशन पर विशेष ध्यान देते हुए पानी की सुरक्षा, मुख्य ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका से जुड़े आधारभूत ढांचे तथा क्लाइमेट रेजिलिएंस को बढ़ावा दिया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
साथ ही, रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करते हुए पंचायतों को सर्कुलर इकोनॉमी में सक्रिय योगदान देने के लिए सक्षम बनाया जाएगा। इस अधिनियम के तहत अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक प्रत्येक ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्यों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों की मजदूरी आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान की जाएगी। यह एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार का अंश क्रमशः 60:40 के अनुपात में होगा। वहीं, उत्तर-पूर्वी और हिमालयी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लिए यह अनुपात 90:10 निर्धारित किया गया है।
रोजगार से परिसंपत्ति तक: ग्रामीण सशक्तिकरण की ओर एक कदम
योजना में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण, स्थानिक प्रौद्योगिकी आधारित कार्यान्वयन, मोबाइल आधारित निगरानी प्रणाली तथा साप्ताहिक सार्वजनिक प्रकटीकरण की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही सामाजिक अंकेक्षण तंत्र को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाया गया है, ताकि योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक सही तरीके से पहुंच सके। इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा और लोगों को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराएगा, जिससे वे परिसंपत्ति का निर्माण कर सकें।
कलेक्टर ने बताया कि ग्रामीण स्तर पर ग्राम सभाओं का आयोजन कर बैनर, फ्लेक्स एवं अन्य प्रचार माध्यमों के जरिए व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि योजना की सही जानकारी आम लोगों तक पहुंच सके और अधिक से अधिक पात्र परिवार इसका लाभ उठा सकें। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
जन जागरूकता अभियान: योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना
इस अवसर पर एसपी विश्वजीत दयाल, डीडीसी सुभाष चंद्र मंडल, एडीएम रविकांत सिन्हा, एसडीएम सौरव कुमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


