



Hazaribagh Elephant Attack: मृत्यु का तांडव, जिसने एक रात में कई घरों के चिराग बुझा दिए। झारखंड के हजारीबाग में हाथियों के झुंड ने ऐसा कहर बरपाया कि गांव का गांव सन्न रह गया।
हजारीबाग एलिफेंट अटैक: झारखंड में हाथियों का खूनी तांडव, 6 लोगों की मौत से मचा कोहराम!
हजारीबाग एलिफेंट अटैक: गोंदवार गांव में मचा मौत का तांडव
झारखंड के हजारीबाग जिले से एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। चुरचू प्रखंड के गोंदवार गांव में हाथियों के एक दल ने भीषण तबाही मचाई है, जिसमें छह ग्रामीणों को अपनी जान गंवानी पड़ी। मृतकों में दो मासूम बच्चे, दो महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। यह बेहद दुखद है कि जान गंवाने वालों में से चार सदस्य एक ही परिवार से थे, जिससे पूरे गांव में मातम पसर गया है।
यह भयानक घटना गुरुवार की रात उस वक्त हुई, जब पूरा गांव गहरी नींद में सो रहा था। अचानक पांच हाथियों का एक झुंड गोंदवार गांव में घुस आया। हाथियों की चिंघाड़ सुनते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर भागे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हाथियों का गुस्सा इतना प्रचंड था कि उन्होंने भागते हुए ग्रामीणों को दौड़ा-दौड़ा कर मारा। किसी को सूंड से उठाकर जमीन पर पटका गया तो किसी को पैरों तले कुचल दिया गया। इस भयावह जंगली हाथियों का हमला में कई कच्चे मकान भी ढह गए हैं, जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
वन विभाग और पुलिस का ग्रामीणों ने किया विरोध
13 फरवरी, 2026, शुक्रवार की सुबह जब पुलिस और वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची, तो उन्हें ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने मृतकों के शवों को उठाने से रोक दिया। गांव में इस घटना के बाद से ही कोहराम मचा हुआ है, और ग्रामीण दहशत के साए में रात जागने को मजबूर हैं। हजारीबाग पूर्वी वन प्रमंडल क्षेत्र के डीएफओ विकास कुमार उज्ज्वल ने इस दुखद घटना की पुष्टि की है। वन विभाग ने आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और घटना वाले क्षेत्र में माइक के माध्यम से लोगों को लगातार जागरूक तथा अलर्ट किया जा रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में हाथियों का आतंक पहले भी रहा है, लेकिन इतनी बड़ी त्रासदी पहले कभी नहीं हुई। इस घटना ने एक बार फिर मानव-हाथी संघर्ष के गंभीर मुद्दे को उजागर कर दिया है। सरकार और वन विभाग को इस दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है ताकि ऐसी घटनाओं को भविष्य में रोका जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ग्रामीण मांग कर रहे हैं कि प्रभावित परिवारों को तत्काल मुआवजा और सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

